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शिक्षक बाइक पर, बच्चे बोझ तले! बहोरीबंद में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल.

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Teacher on a bike, children under the burden! Questions raised on the education system in Bahoriband.

Special Correspondent, Harishankar Parashar, Katni, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, कटनी। इन दिनों विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता साबित करने के लिए परीक्षा कक्षों में पसीना बहा रहे हैं, लेकिन कटनी जिले के बहोरीबंद क्षेत्र में एक शिक्षक ने परीक्षा की परिभाषा ही बदल दी। यहां 10 से 12 वर्ष के मासूम बच्चों से प्रश्नपत्रों से भरी भारी लोहे की पेटी कंधों पर ढुलवाकर उनकी ‘शारीरिक क्षमता’ की भी अनौपचारिक परीक्षा ले ली गई।

इस घटना का वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मामला चर्चा का विषय बन गया और शिक्षा व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

वायरल वीडियो में नन्हे विद्यार्थी करीब 20 से 25 किलोग्राम वजनी लोहे की पेटी कंधों पर उठाकर स्कूल की ओर जाते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह पेटी बाकल थाना से लाई जा रही थी, जहां परीक्षा के प्रश्नपत्र सुरक्षित रखे जाते हैं।

सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि कच्चे और कठिन ग्रामीण रास्ते से बच्चों को लगभग 2 से 3 किलोमीटर तक यह भारी बोझ ढोना पड़ा, जबकि शिक्षक सत्येंद्र पटेल मोटरसाइकिल पर सवार होकर इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते दिखाई दिए।

वीडियो सामने आने के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश फैल गया है। एक अभिभावक ने सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा जैसे संवेदनशील कार्य में बच्चों से ढुलाई करवाना आखिर किस नियम का हिस्सा है। कई अभिभावकों ने इस मामले की शिकायत जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने जांच के निर्देश दिए हैं।
एडीपीसी धनश्री जैन ने कहा है कि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और यदि कोई शिक्षक या कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि प्रदेश में परीक्षा सामग्री के परिवहन को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं, जिनमें मजिस्ट्रेट या पुलिस की मौजूदगी में प्रश्नपत्रों के परिवहन का प्रावधान है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब बच्चे अपनी पढ़ाई की परीक्षा देने निकले थे, तो उनसे यह ‘ढुलाई परीक्षा’ आखिर किस पाठ्यक्रम के तहत करवाई गई?

अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस ‘नवाचार’ पर कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी अन्य घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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