कटनी के ग्रामीण क्षेत्र में मच्छरों का आतंक! न छिड़काव, न रोकथाम, विभाग लापता.
Mosquito Menace in Katni’s Rural Areas! No Spraying, No Prevention, Department Missing.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
Mosquito infestation is rapidly increasing in the rural areas of Katni, while health and panchayat departments remain inactive. Stagnant water is left untreated, and no spraying is being done. This has heightened the risk of malaria and dengue, exposing severe negligence in rural health management and disease prevention efforts
MP संवाद, कटनी। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक मच्छरों का आतंक बढ़ता जा रहा है, लेकिन मलेरिया विभाग और पंचायतें पूरी तरह बेपरवाह नजर आ रही हैं। रीठी क्षेत्र के कई ग्रामों में नालियों व जलभराव की समस्या बनी हुई है, जिससे मच्छर तेजी से पनप रहे हैं, और इसके साथ ही मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले दवा का छिड़काव नियमित होता था, लेकिन अब कई महीनों से कोई दवा या लार्वा नष्टीकरण कार्य नहीं हो रहा। यही हाल रीठी क्षेत्र की 56 ग्राम पंचायतों और बहोरीबंद विकासखंड की 79 पंचायतों का भी है।
स्लीमनाबाद ग्राम पंचायत में खाली पड़े भूखंडों में बारिश का पानी भर गया है, जहां मच्छरों का लार्वा खुलेआम पनप रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो दवा का छिड़काव किया जा रहा है और न ही कोई सर्वे कार्य दिखाई दे रहा है।
विशेष रूप से कॉलोनियों और गांवों के जलभराव वाले क्षेत्रों में मच्छरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे बुखार, मलेरिया, डेंगू और वायरल रोगों के फैलने का बड़ा खतरा बन गया है।
? प्रशासन का पक्ष:
एसडीएम बहोरीबंद राकेश चौरसिया ने कहा:
“विकासखंड की ग्राम पंचायतों में मलेरिया विभाग को सर्वे एवं लार्वा नष्टीकरण का निर्देश दिया जाएगा। जहां भी अधिक मात्रा में जलभराव है, वहां पहले कार्रवाई की जाएगी। ग्राम पंचायतें भी सफाई व्यवस्था में सक्रिय हों।”
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राज सिंह ने कहा:
“शहरी क्षेत्रों में नियमित दवा छिड़काव हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवश्यकतानुसार कार्य किया जाता है। मच्छरों से निजात के लिए दवाइयों का वितरण भी किया जाता है।”