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छिंदवाड़ा से भोपाल तक फैला नेटवर्क, इंदौर में जाली नोट रैकेट पकड़ा गया.

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Indore Police cracks down on a fake currency network, arresting 5 suspects and confiscating printing tools & counterfeit cash

Indore police seize fake currency notes, printer, and laptops in crime branch raid.

Indore Crime Branch busts fake currency racket; arrests 5, recovers counterfeit notes & printing equipment.

Network Spread from Chhindwara to Bhopal, Fake Currency Racket Busted in Indore.

Special Correspondent, Indore, MP Samwad.

इंदौर क्राइम ब्रांच ने नकली नोटों का रैकेट धरा, 5 गिरफ्तार! प्रिंटर, लैपटॉप व लाखों के नकली नोट जब्त। फेसबुक से जुड़ा था गैंग। पूरी खबर यहाँ!

MP संवाद, इंदौर की क्राइम ब्रांच ने शहर में नकली नोटों की छपाई करने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक होटल पर छापा मारकर इस रैकेट से जुड़े तीन युवकों को गिरफ्तार किया। बाद में, उनकी मदद से दो अन्य आरोपियों को भी धर दबोचा गया, जिनके पास से लाखों रुपये के नकली नोट बरामद हुए। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी छिंदवाड़ा जिले के रहने वाले हैं।

नकली नोट छापने वाले इस गैंग के पास से पुलिस ने कलर प्रिंटर, नोट छापने वाला विशेष कागज, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और अन्य सामान जब्त किए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि आरोपी पूरी तरह से सुव्यवस्थित तरीके से नकली नोटों की फैक्ट्री चला रहे थे।

पुलिस ने कैसे पकड़ा नकली नोटों का गैंग?

क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ लोग एक होटल में नकली नोट बना रहे हैं। इस पर डीसीपी राजेश त्रिपाठी के निर्देशन में पुलिस टीम ने होटल पर छापा मारकर अब्दुल शोएब, रहीश खान और प्रफुल्ल कुमार कोरी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि वे निजी काम से इंदौर आए हैं और होटल में ठहरे हुए थे। हालांकि, जब उनके बैग की तलाशी ली गई, तो उसमें ₹50,000 के नकली नोट मिले। जांच में ये नोट पूरी तरह से नकली पाए गए।

आरोपियों से ये सामान बरामद

तलाशी के दौरान पुलिस को अलग-अलग सीरीज के नकली नोट, कलर प्रिंटर, लेमिनेशन शीट, लकड़ी के उपकरण, नोट छापने वाला विशेष पेपर, लैपटॉप और एटीएम कार्ड भी मिले।

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे भोपाल के आकाश और शंकर चौरसिया से नकली नोट लेकर आए थे। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने भोपाल से इन दोनों को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से ₹500 के 770 नकली नोट बरामद हुए।

डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि छिंदवाड़ा गैंग और भोपाल गैंग का संपर्क फेसबुक के जरिए हुआ था। छिंदवाड़ा गैंग नकली नोट छापकर भोपाल गैंग को सप्लाई करता था, जो इन नोटों को अलग-अलग जगहों पर बेचता था। हालांकि, पुलिस ने समय रहते इस रैकेट को तहस-नहस कर दिया। अब आरोपियों से पूछताछ जारी है।

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