कलम की रक्षा के लिए हुंकार, पत्रकारों ने उठाई सुरक्षा कानून की मांग.
Journalists rally for justice, pressing for a dedicated protection law amid rising threats across Madhya Pradesh.
Journalists submitting memorandum demanding protection law in Madhya Pradesh
Sharad Dhaneshwar, Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
प्रदेश में पत्रकारों पर हमलों और फर्जी मामलों से नाराज़ पत्रकारों ने सुरक्षा कानून की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पुरानी घटनाओं का हवाला देते हुए प्रेस की स्वतंत्रता और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। पत्रकारों ने कहा, जनहित की पत्रकारिता खतरे में है।
Outraged by rising attacks and false cases against journalists, reporters submitted a memorandum to demand a strong Journalist Protection Law. Citing brutal past incidents, they urged the government to ensure press freedom and security. Journalists emphasized that without legal protection, public-interest journalism is at serious risk.
MP बालाघाट (लालबर्रा)। प्रदेश में लगातार पत्रकारों पर हो रहे जानलेवा हमलों, फर्जी मामलों में फंसाने और उनके परिवारों को प्रताड़ित किए जाने की घटनाओं से आक्रोशित पत्रकारों ने बुधवार को थाना लालबर्रा और तहसील कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (DGP) के नाम ज्ञापन सौंपा।
पत्रकारों ने सरकार से प्रदेश में एक ठोस एवं प्रभावी पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने की मांग की, जिससे स्वतंत्र पत्रकारिता को संरक्षण और सुरक्षा मिल सके।
राष्ट्रबाण के पत्रकार पर हमले से उपजा आक्रोश
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 7 अप्रैल को राष्ट्रबाण समाचार पत्र से जुड़े पत्रकार मिलिंद ठाकरे पर दो नकाबपोश हमलावरों ने तेजधार हथियारों से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना दिनदहाड़े मुख्य सड़क पर हुई, जिसने पत्रकार समाज को झकझोर कर रख दिया। पत्रकारों ने हमलावरों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पुरानी घटनाओं का भी दिया गया हवाला
पत्रकारों ने ज्ञापन में पूर्व की कई घटनाओं का भी उल्लेख किया। इसमें बालाघाट जिले के कटंगी क्षेत्र में पत्रकार संदीप कोठारी की जिंदा जलाकर हत्या, और 1 अक्टूबर 2019 को लालबर्रा में पत्रकार प्रकाश चौहान को बंधक बनाकर मारपीट तथा झूठे प्रकरण में फंसाए जाने जैसी घटनाएं शामिल हैं। पत्रकारों ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला बताया।
पत्रकारों की एकजुटता और चेतावनी
ज्ञापन देने पहुंचे पत्रकारों ने कहा कि आज प्रदेश में स्वतंत्र पत्रकारिता करना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। कहीं पत्रकारों की हत्या की जा रही है, तो कहीं उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर डराने की कोशिश की जा रही है। अगर जल्द ही पत्रकार सुरक्षा कानून नहीं बना, तो जनहित की पत्रकारिता संकट में पड़ जाएगी।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख पत्रकार
इस दौरान ज्ञापन देने पहुंचे पत्रकारों में मुकेश रंगारे, मुकेश अवधिया, मतीन खान, वरिष्ठ पत्रकार विजय रजक, राहुल जायसवाल, आशीष भगत, मतीन रजा, देवेंश बिसेन, विश्वास मेश्राम, इमरान कुरैशी, राजेश ब्रम्हे सहित अनेक पत्रकार साथी शामिल रहे। ज्ञापन की एक प्रति डाक द्वारा पुलिस महानिदेशक कार्यालय, भोपाल (PHQ) को भी प्रेषित की गई है।