ग्वालियर के स्मार्ट सिटी अस्पताल में अवैध गर्भपात, डॉक्टर समेत 5 गिरफ्तार!
Authorities uncover illegal abortion practices in Gwalior’s Smart City Hospital, leading to the arrest of five individuals, including a doctor.
Gwalior’s Smart City Hospital caught in an illegal abortion scandal, leading to the arrest of a doctor and four others.
Illegal abortion in Gwalior’s Smart City Hospital, doctor among 5 arrested!
Special Correspondent, Gwalior, MP Samwad.
A shocking crime exposed in Gwalior! An illegal abortion racket was busted at Smart City Hospital, leading to the arrest of a doctor and four others. Authorities uncovered a dark medical malpractice endangering lives. How deep does this network run? Stay tuned for further updates!
MP ग्वालियर। स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल एवं मल्टीस्पेशियलिटी ट्रॉमा सेंटर में 26 मार्च को हुए अवैध गर्भपात के मामले में कंपू थाना पुलिस ने डॉक्टर, नर्स, मरीज और उसके परिजनों समेत 5 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-94 और गर्भ का चिकित्सकीय समापन अधिनियम 1971 की धारा-4 के तहत केस दर्ज किया गया है।
मामले की मुख्य बातें:
- आरोपी: डॉ. नेहा नागौरी (मुरैना जिला चिकित्सालय), नर्स किरण कश्यप, गर्भपात कराने वाली महिला, उसकी सास और एक पुरुष परिजन।
- शिकायतकर्ता: जिला क्षय अधिकारी डॉ. विजय पाठक ने कंपू थाना में आवेदन देकर कार्रवाई शुरू कराई।
- नर्सिंग होम का खुलासा: अस्पताल बिना पंजीयन संचालित हो रहा था, जहां महिला का तीसरा गर्भपात कराया गया।
कैसे हुआ खुलासा?
26 मार्च को ग्वालियर के सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव को कंपू इलाके में भ्रूण परीक्षण की सूचना मिली। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर रेड टीम ने अस्पताल पहुंचकर डॉ. नेहा नागौरी को गर्भपात करते हुए पकड़ा। मौके पर मौजूद महिला की सास ने स्वीकारा कि “हमारे घर दो बेटियां हैं, इसलिए तीसरा गर्भपात करवाया।”
जांच की प्रगति:
- मुरैना सीएमएचओ पर सवाल: डॉ. नेहा पर पहले ही मुरैना सीएमएचओ डॉ. पद्येश उपाध्याय को कार्रवाई के लिए पत्र भेजा गया था, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
- नोटिस जारी: डॉ. नेहा और उनके पति डॉ. सुदीप नागौरी को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
- जांच अधिकारी: डॉ. गिर्राज गुप्ता को मामले की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिन्होंने बताया कि “3 अप्रैल को ही मुझे जांच की फाइल मिली।”