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112 आईएफएस सहित वन विभाग में रिक्त पड़े हैं 7 हजार से ज्यादा पद

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More than 7 thousand posts are lying vacant in the forest department including 112 IFS.

भोपाल। राज्य के वन विभाग में 112 आईएफएस सहित लम्बे समय से 7 हजार 417 पद रिक्त पड़े हुये हैं। यहीं नहीं आईएफएस का तो प्रशासनिक ढांचा ही ध्वस्त हो चुका है। पदोन्नति के लिए सेवा शर्ते पूरी नहीं होने की वजह से पीसीसीएफ, एपीपीसीसीएफ और सीसीएफ के पद पर आईएफएस पद रिक्त होने के बाद भी प्रमोट नहीं हो पा रहें है।
वन मुख्यालय द्वारा राज्य शासन को भेजी गई जानकारी के अनुसार, इन कुल रिक्त पदों में से आईएफएस के 112 और सहायक वन संरक्षक के 191 पद रिक्त है। मुख्यालय में हालात यह है कि सीनियर आईएफएस अधिकारियों को तीन से लेकर 4 शाखाओं का प्रभार संभालना पड़ रहा है। इसके कारण कुछ अफसरों के बीच अहं के टकराव की खबरें भी सुनने को मिलती है। कमोवेश यही हालत फील्ड के पदों की भी है। सीसीएफ के पद पर सीएफ काम रहें हैं और उन्हें भी एक से अधिक जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही है। सहायक वन संरक्षकों और रेंजर के पद खाली होने की वजह से उन्हें भी अतिरिक्त जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही है। ऐसी आपदा में स्थिति में सीनियर अफसरों ने अपने लिए अवसर में तब्दील कर लिया हैं। यानि कार्य बंटवारे के नाम पर चहेतों को उपकृत कर रहे हैं।

सीएफ और डीएफओ ऑफिस में भी पद रिक्त
सीएफ और डीएफओ ऑफिस में भी लंबे समय से पद रिक्त है। इसमें राजपत्रित अधिकारियों के 9, वन क्षेत्रपाल के 496, उप वन क्षेत्रपाल के 855, वन पाल के 2081, वन रक्षक के 2124, लिपिकीय अमले के 1010, अन्य श्रेणी जिसमें वाहन चालक, स्टेनो, ड्राफ्ट्समेन, महावत शामिल हैं-के 398 तथा चतुर्थ श्रेणी के 453 पद शामिल हैं जोकि रिक्त पड़े हुये हैं। इससे वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा एवं संरक्षण पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।उल्लेखनीय है कि वन विभाग में स्वीकृत पदों की कुल संख्या 25 हजार 363 है जिसमें से 17 हजार 946 पदों पर व्यक्ति पदस्थ हैं।

आईएफएस कैडर का प्रशासनिक ढांचा ध्वस्त
आईएफएस अफसर का प्रशासनिक ध्वस्त हो चुका है। इसे दुरुस्त करने के लिए विभाग के मुखिया से लेकर आईएफएस एसोसिएशन के पदाधिकारी को एक्सरसाइज करने की फुर्सत ही नहीं है। ढांचे को सुधारने के लिए जिम्मेदार वरिष्ठ अफसर बस पद पर बैठकर अपने रिटायरमेंट की गिनती गिन रहें है। जबकि कैडर रिव्यू का मामला अभी लंबित है। मुख्यालय से लेकर फील्ड में कई पद ऐसे हैं जिसमें समाप्त किया जा सकता है। वन मंडलों को भी समाप्त कर एक किया जा सकता है पर यह एक्सरसाइज कौन करे?

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