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सरकारी चावल से करोड़ों का खेल? FCI की भूमिका पर गहराए सवाल.

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Crores Worth of Government Rice Under Scrutiny? Questions Deepen Over FCI’s Role.

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, बालाघाट/भोपाल। प्रदेश के बहुचर्चित सरकारी चावल हेराफेरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। एफसीआई के सहायक ग्रेड-1 कर्मचारी सुरेंद्र सूर्यवंशी की गिरफ्तारी के बाद जांच की दिशा तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर जांच एजेंसी अब गोदामों से चावल की निकासी, परिवहन, भुगतान प्रक्रिया और विभागीय भूमिका की विभिन्न कड़ियों की पड़ताल कर रही है।

सहायक कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद जांच का दायरा बढ़ा

एसआईटी की पूछताछ में मिले तथ्यों के आधार पर जांच का दायरा विस्तृत किया गया है। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सरकारी चावल की सप्लाई, परिवहन और दस्तावेजी प्रक्रिया में किन-किन स्तरों पर कथित अनियमितताएं हुईं। सूत्रों के मुताबिक, विभिन्न विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, राइस मिलर्स और एथेनॉल प्लांट से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

भुगतान और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क की हो रही जांच

जांच एजेंसियां कथित तौर पर गोदाम से चावल की निकासी, परिवहन श्रृंखला, भुगतान के तरीकों और दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं। सूत्रों का दावा है कि कुछ डिजिटल और अन्य प्रकार के साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली को समझने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

एक और संदिग्ध से पूछताछ की चर्चा

सूत्रों के अनुसार, मामले में एक अन्य संदिग्ध से भी पूछताछ की जा रही है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक रूप से किसी नई गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं की है। जांच अधिकारियों का फोकस अब इस बात पर है कि कथित हेराफेरी में शामिल पूरे नेटवर्क की वास्तविक भूमिका सामने लाई जा सके।

रिमांड, स्वास्थ्य और जांच— नए सवाल

इधर, मामले के एक अन्य आरोपी अविनाश कावरे की पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद स्वास्थ्य खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह पुलिस निगरानी में है। इस घटनाक्रम के बाद भी मामले को लेकर विभिन्न चर्चाएं तेज हैं, हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।

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Disclaimer: This report is based on available information, investigation inputs, and official proceedings. Allegations and claims remain subject to verification by competent authorities and judicial determination.

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