cropped-mp-samwad-1.png

मां की दुआ, प्रशासन की तत्परता और मासूम की जिंदगी की जंग.

0

A Mother’s Prayers, Administrative Swift Action, and a Little Child’s Fight for Life.

Special Correspondent, Sudheer Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, बालाघाट। बालाघाट जिले के चार माह के मासूम अयांश मसराम के लिए गुरुवार का दिन नई उम्मीद लेकर आया। गंभीर हृदय रोग से जूझ रहे इस नन्हे बच्चे को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर शुरू की गई पीएम श्री एयर एम्बुलेंस योजना के तहत एयरलिफ्ट कर मुंबई भेजा गया, जहां उसका उन्नत उपचार और आवश्यक सर्जरी Ayushman Bharat योजना के अंतर्गत नि:शुल्क की जाएगी।

कटंगी के देवरी बुजुर्ग से मुंबई तक उम्मीद की यात्रा

कटंगी विकासखंड के ग्राम देवरी बुजुर्ग निवासी अयांश मसराम, पिता शैलेश मसराम, पिछले कई दिनों से गंभीर हृदय रोग से पीड़ित था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बड़े शहर में इलाज कराना लगभग असंभव था। ऐसे में शासन की संवेदनशील योजना और जिला प्रशासन की तत्परता ने इस मासूम के लिए जीवनदान की उम्मीद जगाई।

जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई, बिरसी एयरपोर्ट से भरी उड़ान

कलेक्टर मृणाल मीणा के मार्गदर्शन में 14 मई 2026 की सुबह अयांश को जिला चिकित्सालय बालाघाट से महाराष्ट्र के गोंदिया जिले स्थित बिरसी एयरपोर्ट ले जाया गया। वहां से सुबह 10 बजे पीएम श्री एयर एम्बुलेंस के माध्यम से उसे Narayana Health के मुंबई स्थित अस्पताल के लिए रवाना किया गया।

विशेष शिविर में हुई बीमारी की पहचान

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. परेश उपलप की उपस्थिति में एयरलिफ्ट की प्रक्रिया पूरी की गई। जिला शीघ्र हस्तक्षेप प्रबंधक आरबीएसके राजाराम चक्रवर्ती भी इस दौरान मौजूद रहे।

अधिकारियों के अनुसार, 8 मई को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के अंतर्गत जिला चिकित्सालय बालाघाट के डीईआईसी में आयोजित विशेष शिविर के दौरान अयांश की गंभीर हृदय बीमारी की पहचान की गई थी। मुंबई की शिशु हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रिया प्रधान ने जांच के बाद तत्काल सर्जरी की आवश्यकता बताई।

PICU में उपचार के बाद लिया गया रेफर करने का निर्णय

पिछले दो दिनों से जिला अस्पताल के PICU में डॉ. राहुल गेडाम और डॉ. आशुतोष बांगरे की निगरानी में अयांश का उपचार चल रहा था। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उसे मुंबई रेफर करने का निर्णय लिया गया।

परिजनों की आंखों में आंसू, दिल में उम्मीद

सबसे भावुक क्षण तब आया जब अयांश के परिजन एयर एम्बुलेंस में बैठे। आंखों में आंसू लिए उन्होंने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

परिजनों ने कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनका बच्चा एयर एम्बुलेंस से मुंबई इलाज के लिए जाएगा। शासन और प्रशासन की सहायता ने उनके परिवार को नई उम्मीद दी है।

योजनाएं तभी सफल जब जरूरतमंद तक पहुंचे मदद

सीएमएचओ डॉ. परेश उपलप ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। अधिकारियों की संवेदनशीलता और तेज कार्रवाई ने यह साबित किया कि शासन की योजनाएं समय पर लागू हों तो वे सचमुच जीवन बचाने का माध्यम बन सकती हैं.

जब संसाधनों की कमी किसी परिवार के लिए इलाज को असंभव बना देती है, तब प्रशासनिक संवेदनशीलता ही सबसे बड़ी ताकत बनती है। अयांश की यह उड़ान केवल मुंबई तक की यात्रा नहीं, बल्कि उस भरोसे की कहानी है कि सही समय पर मिली मदद एक मासूम को नई जिंदगी दे सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.