89 पेपर लीक, 48 री-एग्जाम! कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर उठाए बड़े सवाल.
89 Paper Leaks, 48 Re-Exams! Congress Raises Serious Questions Over the Education System.

Special Correspondent, Richa Tiwari, Bhopal, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, भोपाल। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG) 2026 को रद्द किए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है। जिला कांग्रेस कमेटी, बुरहानपुर के प्रवक्ता निखिल मधुसूदन खंडेलवाल ने केंद्र सरकार और National Testing Agency (NTA) पर तीखा हमला करते हुए इसे लाखों छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय बताया।
NEET-UG 2026, जो 3 मई 2026 को आयोजित हुई थी, को कथित प्रश्नपत्र लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया है। परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी और नई तारीख की घोषणा अलग से की जाएगी।
“22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत पर पानी फिरा”
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि लाखों छात्रों ने वर्षों की तैयारी, आर्थिक संघर्ष और मानसिक दबाव के बीच परीक्षा दी, लेकिन पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर गया।
उन्होंने कहा कि अनेक परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लिया, बचत खर्च की और बड़े त्याग किए। ऐसे में परीक्षा रद्द होना छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ा झटका है।
“10 वर्षों में 89 पेपर लीक, 48 बार पुनर्परीक्षा”
खंडेलवाल ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 89 पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं और 48 मामलों में पुनर्परीक्षा करानी पड़ी। उनके अनुसार, यह स्थिति देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है।
उन्होंने कहा कि NEET से जुड़े लगातार विवादों ने छात्रों में निराशा और असुरक्षा की भावना पैदा की है।
सरकार और NTA की जवाबदेही पर सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने पूछा:
- क्या केवल एक औपचारिक माफी से छात्रों की परेशानी समाप्त हो जाएगी?
- क्या मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सकेगी?
- परीक्षा सुरक्षा में विफलता के लिए जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
निखिल मधुसूदन खंडेलवाल ने इस मामले में निम्न मांगें रखीं:
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री तत्काल इस्तीफा दें।
- प्रभावित छात्रों को उचित मुआवजा दिया जाए।
- NEET पेपर लीक मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) गठित की जाए।
- पेपर लीक माफिया पर कड़ी कार्रवाई हो।
- कोचिंग संस्थानों और संबंधित नेटवर्क की भूमिका की जांच की जाए।
“सड़क से संसद तक उठेगा मुद्दा”
कांग्रेस ने कहा कि वह इस विषय को सड़क से लेकर संसद तक उठाएगी और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आंदोलन करेगी।
बड़ा सवाल
NEET-UG 2026 की रद्दीकरण ने देश की परीक्षा प्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और संस्थागत जवाबदेही पर गंभीर बहस छेड़ दी है। लाखों छात्र अब नई परीक्षा तिथि की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि क्या इस बार दोषियों तक कार्रवाई पहुंचेगी या फिर छात्रों को ही दोबारा वही तनाव झेलना पड़ेगा।
