भावुक स्टेट्स के बाद खामोश हो गई तीन जिंदगियां, बालाघाट में सनसनी.
After an Emotional WhatsApp Status, Three Lives Fell Silent: Sensation in Balaghat.

Special Correspondent, Sudheer Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, बालाघाट। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कटंगी थाना क्षेत्र के ग्राम जराहमोहगांव अंतर्गत लाखीटोला में एक पिता ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ कुएं में कूदकर जीवन समाप्त कर लिया। बुधवार सुबह तीनों के शव एक पुराने कुएं से बरामद किए गए, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
मंगलवार से बच्चों सहित लापता था पिता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 40 वर्षीय श्याम नागेन्द्र मंगलवार से अपने पांच वर्षीय पुत्र वंश और तीन वर्षीय पुत्री भूरी के साथ लापता था। गांव में विवाह समारोह होने के कारण परिजनों को प्रारंभ में लगा कि वह बच्चों को लेकर किसी कार्यक्रम में गया होगा।
लेकिन देर रात एक व्हाट्सएप स्टेट्स ने सभी को चिंता में डाल दिया।
भावुक स्टेट्स ने जताई अनहोनी की आशंका
श्याम नागेन्द्र के व्हाट्सएप स्टेट्स में लिखा था—
“नहीं है जिंदा रहने की आरजू, नहीं चाहिए कोई वादा या रिश्ता…”
यह संदेश देखने के बाद परिजनों और ग्रामीणों को किसी अनहोनी की आशंका हुई। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई और रातभर खोजबीन जारी रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
सुबह पुराने कुएं में मिले तीनों के शव
बुधवार सुबह गांव के पटबर्रा मैदान स्थित एक पुराने कुएं में तीनों के शव दिखाई दिए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, श्याम नागेन्द्र की कमर से दोनों बच्चों के शव रस्सी से बंधे हुए पाए गए।
पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से शवों को बाहर निकालकर पंचनामा कार्रवाई की और जांच शुरू कर दी है।
निजी कंपनी में करता था काम, फिलहाल था LIC एजेंट
बताया जा रहा है कि श्याम नागेन्द्र पूर्व में एक निजी कंपनी में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत था। वर्तमान में वह Life Insurance Corporation of India (LIC) एजेंट के रूप में कार्य कर रहा था।
हालांकि इस दुखद घटना के पीछे के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है।
पूरे गांव में मातम, जांच में जुटी पुलिस
इस घटना के बाद लाखीटोला सहित पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। कटंगी थाना पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थितियां बनीं, जिनके कारण एक पिता ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ इतना कठोर कदम उठाया।
कई अनुत्तरित सवाल
- क्या मृतक किसी आर्थिक या पारिवारिक तनाव से गुजर रहा था?
- व्हाट्सएप स्टेट्स के पीछे क्या संदेश छिपा था?
- क्या घटना से पहले किसी से विवाद हुआ था?
- क्या कोई सुसाइड नोट भी मिला है?
MP संवाद की नजर
यह घटना केवल एक पारिवारिक त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़े मानसिक, आर्थिक और भावनात्मक दबावों की गंभीर चेतावनी भी है। पुलिस जांच से घटना के कारण सामने आएंगे, लेकिन दो मासूम बच्चों के साथ हुई इस हृदयविदारक मौत ने पूरे बालाघाट को स्तब्ध कर दिया है।