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विदिशा में निजी अस्पताल कटघरे में, महिला की मौत के बाद तीन डॉक्टरों पर FIR.

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Private Hospital in Vidisha Under Scrutiny, FIR Filed Against Three Doctors After Woman’s Death.

Special Correspondent, Samarth Yadav, Bhopal, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, विदिशा। विदिशा में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच रिपोर्ट में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद वर्मा अस्पताल के डॉ विधि वर्मा ओर डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के डॉक्टर शरद कुशवाहा और डॉ अंकित श्रीवास्तव के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।

यह मामला थाना कोतवाली विदिशा में दर्ज मर्ग क्रमांक 15/2025 से जुड़ा है, जिसमें मृतिका ज्योति रघुवंशी (26 वर्ष) निवासी ग्राम मूडरा पीताम्बर, थाना नटेरन, जिला विदिशा की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई थी।

पति की शिकायत पर शुरू हुई जांच

सूचनाकर्ता राकेश रघुवंशी ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी ज्योति रघुवंशी का बच्चा न होने के कारण करीब 8 महीने से सांची रोड स्थित डॉ. शरद कुशवाह की निजी क्लीनिक में इलाज चल रहा था।

14 फरवरी 2025 की सुबह करीब 8 बजे डॉ. शरद कुशवाह ने जांच के लिए ज्योति को शास्त्री नगर स्थित वर्मा अस्पताल में भर्ती कराया।

शिकायत के अनुसार सुबह करीब 10 बजे डॉ. शरद कुशवाह, डॉ. विधि वर्मा और डॉ. अंकित श्रीवास्तव तीनों डॉक्टर मरीज को ऑपरेशन थिएटर में लेकर गए।

दोपहर में बिना परिजनों को जानकारी दिए मरीज को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल विदिशा ले जाया गया। उसी दौरान परिजनों से एक कागज पर हस्ताक्षर कराए गए, लेकिन उन्हें यह नहीं बताया गया कि दस्तावेज में क्या लिखा है।

शाम को पता चला मौत की खबर

अस्पताल की एम्बुलेंस के ड्राइवर से परिजनों को पता चला कि मरीज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जब परिजन जिला अस्पताल पहुंचे तो ज्योति रघुवंशी ICU में वेंटिलेटर पर थी।

जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि:

  • डॉ. शरद कुशवाह और डॉ. अंकित श्रीवास्तव द्वारा नियम विरुद्ध कार्य किया गया।
  • उनके खिलाफ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई।
  • वर्मा अस्पताल में आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसके बावजूद वहां हिस्ट्रोस्कोपी प्रक्रिया की गई।
  • इस आधार पर अस्पताल संचालक डॉ. विधि वर्मा के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की गई।

मेडिकल रिपोर्ट में भी लापरवाही के संकेत

मामले की जांच में निम्न रिपोर्टों का परीक्षण किया गया:

  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट
  • एफएसएल रिपोर्ट
  • हिस्ट्रोपैथोलॉजी रिपोर्ट
  • जांच समिति की रिपोर्ट
  • परिजनों के बयान

इन सभी के आधार पर यह पाया गया कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के अंतर्गत अपराध की श्रेणी में आता है।

तीनों डॉक्टरों के खिलाफ अपराध दर्ज

पुलिस ने डॉ. शरद कुशवाह, डॉ. अंकित श्रीवास्तव और वर्मा अस्पताल की संचालक डॉ. विधि वर्मा के खिलाफ धारा 106(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है और विवेचना जारी है।

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