निजीकरण नहीं, जनसेवा चाहिए: मेडिकल कॉलेज मुद्दे पर कटनी एकजुट.
पीपीपी मेडिकल कॉलेज के विरोध में एकजुट हुई कटनी की जनता।
No Privatization, Public Service Needed: Katni Unites Over Medical College Issue.
Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। कटनी की जनता ने यह साफ कर दिया है कि स्वास्थ्य उनके लिए व्यापार नहीं, अधिकार है। प्रस्तावित पीपीपी मोड मेडिकल कॉलेज के खिलाफ शहर एकजुट होकर सड़कों पर उतर आया। व्यापारियों से लेकर आम नागरिकों तक, सभी ने प्रतिष्ठान बंद कर शासन को दो टूक संदेश दे दिया—कटनी में निजी नहीं, सिर्फ सरकारी मेडिकल कॉलेज बनेगा।
पीपीपी मॉडल पर जनता का अविश्वास
जनता का कहना है कि पीपीपी मॉडल का मतलब है—महंगा इलाज, महंगी जांच और शिक्षा का व्यवसायीकरण। ऐसे मॉडल में गरीब और मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। इसके विपरीत, सरकारी मेडिकल कॉलेज सेवा, पारदर्शिता और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक होता है।
बंद ने दिखाया जनसमर्थन का दम
शहर के प्रमुख बाजारों, व्यावसायिक इलाकों और उपनगरीय क्षेत्रों में बंद का व्यापक असर दिखाई दिया। यह साफ संकेत था कि यह विरोध किसी दल या संगठन तक सीमित नहीं, बल्कि आम नागरिकों की साझा चिंता है।
सरकारी संसाधन, निजी मुनाफा क्यों?
कटनीवासियों ने सवाल उठाया कि जब जमीन और संसाधन सरकार के हैं, तो उनका लाभ निजी कंपनियों को क्यों दिया जाए? मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य मुनाफा नहीं, बल्कि जनसेवा होना चाहिए।
आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
वक्ताओं ने साफ शब्दों में चेताया कि यदि सरकार ने पीपीपी मॉडल पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो इसे मिशन मोड में चलाया जाएगा, लेकिन समझौता नहीं होगा।
जनता का अंतिम संदेश
कटनी ने आज यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में जनता की आवाज़ सबसे बड़ी ताकत है।
स्वास्थ्य पर सौदा नहीं होगा—कटनी में बनेगा सिर्फ सरकारी मेडिकल कॉलेज।