cropped-mp-samwad-1.png

3 लाख में लाइसेंस, 100 कारतूस की छूट—भिंड से जम्मू तक फर्जी हथियार रैकेट.

0
Fake arms license racket exposed in Bhind involving all-India validity and misuse of government seals

Police and administration investigate a fake arms license racket stretching from Bhind to Jammu.

License for ₹3 lakh, permission for 100 cartridges — fake arms racket from Bhind to Jammu.

Special Correspondent, Amit Singh, Bhind, MP Samwad News.

MP संवाद, भिंड। हथियार खरीदने के लिए कानून, जांच और अनुमति—ये सब आम आदमी के लिए हैं। लेकिन भिंड में पैसा बोल रहा था। 3 लाख रुपये दो और ऑल इंडिया वैधता वाला हथियार लाइसेंस लो!

भिंड जिले से शुरू हुआ यह फर्जी शस्त्र लाइसेंस रैकेट अब ग्वालियर, उत्तर प्रदेश और जम्मू–कश्मीर तक फैल चुका है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन लाइसेंसों पर क्यूआर कोड, कलेक्टर–एसपी कार्यालय की सील और एडीएम के हूबहू हस्ताक्षर तक मौजूद हैं—लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में इनका नामोनिशान नहीं।

कागजों में सरकार, हकीकत में माफिया

इन फर्जी लाइसेंसों पर 100 कारतूस, ऑल इंडिया वैधता और 2028 तक की अवधि दर्ज है। यानी हथियार लेकर देश में कहीं भी घूमो—कोई रोक नहीं। यह सिर्फ फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से खुला खिलवाड़ है।

हस्ताक्षर भी नकली, सिस्टम भी फेल

एडीएम के हस्ताक्षर की नकल, जम्मू–कश्मीर होम डिपार्टमेंट की सील और सरकारी पोर्टल का दुरुपयोग—यह बताता है कि यह छोटा गिरोह नहीं, बल्कि संगठित और संरक्षित नेटवर्क है।

यूपी से चल रहा था हथियारों का खेल

उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के लखना कस्बे की एक आर्म्स दुकान इस पूरे खेल का कंट्रोल रूम बन गई थी। आधार कार्ड में पता बदलो, ऑनलाइन लाइसेंस बनाओ और फिर हथियार थमाओ—सब कुछ सेट।

अब सवालों के घेरे में सिस्टम

सबसे बड़ा सवाल यह है कि—

  • बिना रिकॉर्ड के लाइसेंस कैसे बने?
  • सरकारी सील और हस्ताक्षर बाहर कैसे पहुंचे?
  • इतने हथियार आखिर किसके लिए?

अब पुलिस और प्रशासन जांच में जुटा है, लेकिन यह मामला सिर्फ भिंड का नहीं—यह पूरे सिस्टम की सुरक्षा पर सवाल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

In respect of all matters arising under and in relation to this Company or the Arrangement and waives, the exclusive jurisdiction of the courts of the Bhopal and the laws of Madhya Pradesh and India, to the fullest extent possible, shall be applicable. | CoverNews by AF themes.