सोमनाथ से द्वारका तक संस्कारों की यात्रा, शहडोल के छात्रों ने इतिहास को जिया.
Students from Shahdol explore Somnath and Dwarka temples during a historic educational trip.
A Journey of Values from Somnath to Dwarka: Students from Shahdol Lived History.
Special Correspondent, Shahdol, MP Samwad News.
MP संवाद, शहडोल। विवेक पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल एवं सत्य साईं इंग्लिश मीडियम स्कूल, शहडोल के छात्र-छात्राओं ने हाल ही में सोमनाथ धाम एवं द्वारकाधीश के पावन दर्शन कर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभूति प्राप्त की। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि मानसिक शुद्धि, सांस्कृतिक चेतना और संस्कारों के पुनर्जागरण का प्रतीक रहा।
इस शैक्षणिक भ्रमण दल को सत्य साईं इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रचार्या श्रीमती ममता द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। विद्यालय के संचालक डॉ. गोपाल प्रसाद निगम एवं प्रचार्या डॉ. अनीता निगम ने बताया कि छात्रों को गुजरात प्रांत के प्रमुख ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर मिला।
भ्रमण के दौरान छात्रों ने सोमनाथ मंदिर, त्रिवेणी संगम, गीता मंदिर, दमन दीप, समुद्री किनारा, गंगवा बीच, ऐतिहासिक किला, गिरिजाघर, हरसिद्धि मंदिर, मूल द्वारका, सुदामा पुरी, महात्मा गांधी जन्मस्थल, माधवपुर बीच एवं भालका तीर्थ के दर्शन किए। नववर्ष के शुभ अवसर पर प्रथम दिवस भगवान द्वारकाधीश के दर्शन उपरांत नागेश्वर धाम, गोपी तालाब, बेट द्वारका, शिवराज बीच, रुक्मणी मंदिर एवं भडकेश्वर महादेव के दर्शन कर छात्र-छात्राएं लाभान्वित हुए।
डॉ. गोपाल निगम ने बताया कि यह यात्रा दिनांक 26 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होकर जनवरी 2026 में शहडोल वापसी के साथ संपन्न हुई। सोमनाथ धाम के पुजारियों ने विद्यार्थियों को मंदिर के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराते हुए बताया कि वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के लिए विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इस पवित्र तीर्थ पर हुए आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। जनवरी 1026 में महमूद गजनवी द्वारा किए गए आक्रमण और मंदिर के पुनर्निर्माण की ऐतिहासिक जानकारी भी छात्रों से साझा की गई।
इस शैक्षणिक भ्रमण के प्रभारी उमाकांत वर्मा एवं रामकरण मिश्र रहे। छात्र परिषद अध्यक्ष अंकिता गुप्ता, पर्यटन अध्यक्ष राशि सोनी एवं सृष्टि पनिका सहित अनेक छात्र-छात्राओं ने भ्रमण में सक्रिय सहभागिता निभाई।
यात्रा से लौटने पर रेलवे स्टेशन पर अभिभावकों एवं विद्यालय परिवार द्वारा पुष्पमालाओं, तिलक और आरती के साथ छात्रों का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय संरक्षिका श्रीमती जानकी ओटवानी, शिक्षकगण एवं अभिभावक उपस्थित रहे।
यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए न केवल धार्मिक अनुभव, बल्कि ऐतिहासिक ज्ञान, अनुशासन और सांस्कृतिक मूल्यों को आत्मसात करने का प्रेरणास्रोत बना।