आरोग्य मंदिर में सन्नाटा, बीमारों की उम्मीदें दम तोड़तीं.
Silence in the Health Temple, Patients’ Hopes Fade Away.
Source MP News Cast, Edited at MP Samwad, Bhopal.
A rural health center in Baklehta village under Katni’s Reethi block lies shut for months, depriving villagers of basic care. Despite staff being listed, the center remains non-functional. Villagers are forced to travel miles or turn to quacks. Government apathy continues to endanger rural lives.
MP संवाद, कटनी जिले के रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाला ग्राम बखलेहटा स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में कराह रहा है। ग्रामीणों का आरोग्य मंदिर महीनों से बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय लोग इलाज के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं।
बंद है केंद्र, मरीज बेहाल
गांव के रहवासियों ने बताया कि यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कई महीनों से बंद है। जब भी कोई मरीज इलाज के लिए पहुंचता है, तब वहां ताले लटके मिलते हैं। गंभीर मरीजों को मजबूरी में 12 किलोमीटर दूर रीठी अस्पताल या महंगे झोलाछाप डॉक्टरों के पास जाना पड़ता है।
कर्मचारियों की सूची लंबी, पर काम कोई नहीं!
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में इस केंद्र में 12 कर्मचारी दर्ज हैं, जिनमें एक सीएचओ, एक एएनएम, एक सेक्टर सुपरवाइजर, एक आशा सहयोगिनी और आठ आशा कार्यकर्ता शामिल हैं। लेकिन इसके बावजूद भी केंद्र का बंद रहना कई सवाल खड़े करता है।
बीएमओ ने दिए जांच के संकेत
इस मामले पर रीठी बीएमओ डॉ. मेघेंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर दी जा रही हैं। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि यदि शिकायत सही पाई गई तो वे स्वयं जाकर निरीक्षण करेंगे।
उम्मीदें जिंदा या ताले के हवाले?
अब सवाल ये है कि क्या स्वास्थ्य विभाग नींद से जागेगा और ग्रामीणों को उनके हक की स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, या फिर यह आरोग्य मंदिर यूं ही ताले झुलाता रहेगा?