Congress in Transformation Mode: New Faces Crowned in Every District.
Harishankar Parashar, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
CONGRESS LAUNCHES ORGANIZATIONAL REVAMP ACROSS MADHYA PRADESH, APPOINTS 71 NEW CITY AND DISTRICT PRESIDENTS TO BOOST GRASSROOT CONNECTIONS AND YOUTH LEADERSHIP AHEAD OF 2028 POLLS.
MP संवाद, भोपाल, 16 अगस्त 2025 —मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए 71 शहर और जिला अध्यक्षों की नई नियुक्तियों की घोषणा की है। इस बदलाव को आगामी चुनावों की तैयारी और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
कटनी में नई नेतृत्व टीम: अमित शुक्ला और सौरव सिंह को जिम्मेदारी
कटनी शहर कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अमित कुमार शुक्ला और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में कुंवर सौरव सिंह को नियुक्त किया गया है। इन दोनों नियुक्तियों को पार्टी के भीतर युवा नेतृत्व को प्रोत्साहन और अनुभवी कार्यकर्ताओं को दिशा देने की दोहरी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
खड़गे की मंजूरी, वरिष्ठ नेताओं की चर्चा के बाद सूची फाइनल
यह नियुक्तियां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मंजूरी के बाद की गईं, जिसे AICC पर्यवेक्षकों द्वारा जिलावार समीक्षा और वरिष्ठ नेताओं की सलाह के बाद अंतिम रूप दिया गया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह बदलाव स्थानीय संगठनात्मक गतिशीलता को पुनर्जीवित करने की मंशा से किया गया है।
जीतू पटवारी ने दी बधाई, बोले— “जनता की आवाज बनेंगे नए चेहरे”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नव नियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा:
“मुझे विश्वास है कि नए नेतृत्व की ऊर्जा और समर्पण से पार्टी पूरे प्रदेश में सशक्त होगी। हम सब मिलकर जनता की आवाज को बुलंद करेंगे।”
भोपाल, इंदौर और गुना में भी बदली गई कमान
भोपाल शहर में प्रवीण सक्सेना को दोबारा जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इंदौर शहर की कमान चिंटू चौकसे को दी गई है।
गुना में जयवर्धन सिंह को जिला अध्यक्ष बनाया गया है।
इसके साथ ही कई जिलों में महिलाओं और युवाओं को जिला अध्यक्ष बनाकर संगठन में समावेशिता और नई ऊर्जा का संचार करने का प्रयास किया गया है।
2028 चुनाव की तैयारी और जनता के मुद्दों पर फोकस
कांग्रेस के इस संगठनात्मक बदलाव को 2028 विधानसभा चुनाव की पूर्व तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही यह संकेत भी है कि पार्टी अब जमीनी मुद्दों पर फिर से केंद्रित होकर जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाने का प्रयास कर रही है।