मासूम की सांसों पर मंडराया खतरा, विदिशा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने कर दिखाया चमत्कार.
विदिशा मेडिकल कॉलेज में 8 माह की बच्ची के गले से लोहे की रॉड निकालते हुए डॉक्टरों की टीम।
Danger loomed over the infant’s breath, doctors at Vidisha Medical College performed a miracle.
Special Correspondent, Richa Tiwari, Vidisha, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, विदिशा। शनिवार शाम लगभग 5 बजे एक 8 माह की मासूम बच्ची को अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय मेडिकल कॉलेज, विदिशा लाया गया, जिसके मुंह के रास्ते एक लोहे की रॉड गले में फँसी हुई थी।
एक्स-रे जांच में सामने आया कि लोहे की रॉड गले से होती हुई नाक के पीछे के हिस्से (नेजोफैरिंक्स) में जाकर अटक गई थी, जिससे बच्ची की जान को गंभीर खतरा बना हुआ था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बच्ची को तत्काल ईएनटी विभाग में भर्ती कर आपातकालीन ऑपरेशन की तैयारी की गई।
ईएनटी विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापक डॉ. एस.के. रघुवंशी तथा डॉ. शोभित यादव (सहायक प्राध्यापक) ने
एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. विनायक गौर एवं डॉ. ज्योति रघुवंशी के साथ मिलकर बिना किसी विलंब के बच्ची को जनरल एनेस्थीसिया में लेकर सफलतापूर्वक नाक और मुंह के रास्ते फँसी लोहे की रॉड निकाल दी।
डॉक्टरों के अनुसार ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और बच्ची फिलहाल स्वस्थ है तथा किसी भी प्रकार की जटिलता नहीं है।
