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विदिशा स्वास्थ्य विभाग का नया खेल? नंबर बंद, जवाब नहीं, पत्रकारों को ब्लैकलिस्ट!

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Vidisha Health Department’s landline is inactive, journalists are blacklisted, and transparency is missing. Allegations of corruption and mismanagement raise serious concerns.

Vidisha CMHO office number inactive, journalists blacklisted amid corruption allegations.

Vidisha Health Department under fire for corruption allegations and media blacklisting.

New Game of Vidisha Health Department? Number Disconnected, No Response, Journalists Blacklisted!

Kamlesh, Editor Desk,Bhopal, MP Samwad.

Vidisha Health Department under scrutiny! The CMHO office’s landline is inactive, journalists are blacklisted, and transparency is missing. Allegations of corruption, illegal clinics, and administrative negligence raise concerns. Despite multiple attempts, officials remain silent. Is the department hiding critical information? Public trust in healthcare is at stake!

विदिशा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) कार्यालय का लैंडलाइन नंबर 07592-232047 है। लेकिन जब इस नंबर पर कॉल किया जाता है, तो एक ऑटोमैटिक मैसेज सुनाई देता है –
? “आपके द्वारा डायल किए गए नंबर की इनकमिंग सेवाएं स्थगित हैं, जो रिचार्ज करने पर शुरू हो जाएंगी।”

TrueCaller पर “Cmho Dr Yogesh Tiwari Vidisha लिखा आता है.

? क्या स्वास्थ्य विभाग को जनता और मीडिया से संवाद की जरूरत नहीं?

  • क्या यह स्थिति दर्शाती है कि स्वास्थ्य विभाग जनता और मीडिया से सरोकार नहीं रखता?
  • क्या CMHO कार्यालय का बंद फोन प्रशासनिक उदासीनता का प्रतीक है?

? पत्रकारों को ब्लैकलिस्ट क्यों कर रहे हैं CMHO?

विदिशा स्वास्थ्य विभाग से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए जब पत्रकार CMHO डॉ. योगेश तिवारी से उनके मोबाइल पर संपर्क करते हैं, तो पहली बार तो फोन उठता है, लेकिन बाद में संबंधित पत्रकारों के नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिए जाते हैं।
? चाहे मुद्दा कितना भी गंभीर क्यों न हो, CMHO जवाब देने से बचते हैं।

? क्या भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरा है स्वास्थ्य विभाग?

विदिशा जिले में यदि किसी विभाग पर सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार के आरोप हैं, तो वह स्वास्थ्य विभाग है।
CMHO डॉ. योगेश तिवारी और डॉ. समीर किरार पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण व अपील) नियम 1966 के नियम 14(3) के तहत कई आरोप लगाए गए थे।

पत्रकारों ने जानकारी मांगी, मिला ‘ब्लैकलिस्टेड’ जवाब!

  • MP संवाद ने 8 फरवरी को खबर प्रकाशित की थी –
    ? “स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही? विदिशा में सरकारी डॉक्टर चला रहे अवैध क्लीनिक”
    लेकिन जब पत्रकारों ने जानकारी मांगी तो उन्हें ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया!
  • डॉ. शरद कुशवाहा, डॉ. अंकित श्रीवास्तव और वर्मा हॉस्पिटल का मामला सामने आने पर SDM क्षितिज शर्मा, CSP अतुल कुमार सिंह ने हस्तक्षेप किया।
    ? खुद कलेक्टर महोदय को भी मामले में दखल देना पड़ा।
    लेकिन जब पत्रकारों ने इस पर जानकारी मांगी – ब्लैकलिस्टेड!
  • वर्मा हॉस्पिटल को अनिश्चितकालीन सील किया गया, फिर सेवाएं बहाल कर दी गईं।
    ? जानकारी मांगी – ब्लैकलिस्टेड!
  • डॉ. शरद कुशवाहा दोबारा अपनी क्लीनिक में बैठने लगे। जानकारी मांगी – ब्लैकलिस्टेड
  • अभी 17 मार्च को ही MP Samwad में एक समाचार प्रकाशित किया गया था “स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक हार: विदिशा अस्पताल में गंदगी का ‘डेड बॉडी रूम’!”
    ? जानकारी मांगी – ब्लैकलिस्टेड!

? हमारे संवाददाता ने इस मामले पर CMHO से पक्ष जानने के लिए कॉल किया, लेकिन उनका नंबर पहले से ब्लैकलिस्टेड था!

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