कथा से पहले ‘स्वास्थ्य खराब’ की घोषणा, पीछे से फूट पड़ा यौन शोषण का मामला.
Health issues” announced before the discourse — but a sexual assault case erupted behind the scenes.

Special Correspondent, Amit Singh, Jabalpur, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, जबलपुर, यौन शोषण के गंभीर आरोपों में घिरे कथावाचक Uttam Swami इन दिनों मध्य प्रदेश के Jabalpur जिले के भेड़ाघाट क्षेत्र के ग्राम सहजपुर में कथा वाचन कर रहे थे। लेकिन आरोप सार्वजनिक होते ही कथा स्थल पर हड़कंप मच गया और कथावाचक अचानक मंच से गायब हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुरुवार तक कथा कार्यक्रम सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन शुक्रवार को जैसे ही यौन शोषण के आरोपों की जानकारी सामने आई, उत्तम स्वामी पंडाल में नहीं पहुंचे और निर्धारित कथा वाचन स्थगित कर दिया गया।
सुबह से ही कथा स्थल पर मीडिया और पुलिस की सक्रिय मौजूदगी देखी गई। आयोजकों द्वारा बार-बार घोषणा की जाती रही कि स्वामी थोड़ी देर में पहुंचेंगे। दोपहर बाद यह जानकारी दी गई कि कथावाचक का स्वास्थ्य खराब है, इसलिए किसी अन्य स्वामी द्वारा कथा कराई जाएगी।
मामले में राजस्थान निवासी एक युवती ने कथावाचक पर दुष्कर्म और लंबे समय तक यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने ई-मेल के माध्यम से Delhi Police से शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की है और स्वयं व अपने परिवार की सुरक्षा की मांग भी की है।
युवती का आरोप है कि आरोपी ने अलग-अलग स्थानों पर कई वर्षों तक उसका यौन शोषण किया। उसका दावा है कि जब वह नाबालिग थी, तभी से शोषण की शुरुआत हुई। आरोपों में यह भी कहा गया है कि धार्मिक आस्था और विश्वास की आड़ में उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया गया।
पीड़िता के अनुसार, जैसे ही शिकायत और कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जानकारी सामने आई, उसे लगातार धमकियां मिलनी शुरू हो गईं।
कथा स्थल सहजपुर और Bhedaghat क्षेत्र में पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच भी इस मामले को लेकर मतभेद साफ दिखाई दिए। कुछ भक्त आरोपों को साजिश बताते हुए कथावाचक के समर्थन में नजर आए, जबकि कई लोगों का कहना है कि इतने गंभीर आरोपों पर उत्तम स्वामी को सामने आकर सार्वजनिक रूप से सफाई देनी चाहिए।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कथावाचक आगामी दिनों में कथा वाचन जारी रखेंगे या नहीं। आयोजक भी स्थिति साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। मामला सामने आने के बाद पूरे जबलपुर अंचल में चर्चाएं तेज हो गई हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
बताया जाता है कि उत्तम स्वामी मूल रूप से Amravati के निवासी हैं। वे ईश्वरानंद जी महाराज के नाम से भी जाने जाते हैं और Shri Panch Agni Akhara के महामंडलेश्वर बताए जाते हैं। उनका प्रमुख कार्यक्षेत्र राजस्थान के Banswara और जबलपुर क्षेत्र में रहा है।
अब बड़ा सवाल यह है कि आस्था के मंच पर वर्षों से कथा कह रहे कथावाचक पर लगे इन संगीन आरोपों की निष्पक्ष जांच कब और कैसे होगी—और क्या धर्म के मंच पर उठे ऐसे मामलों में भी कानून उतनी ही सख्ती दिखाएगा, जितनी आम नागरिकों के मामलों में दिखाई जाती है?