MP स्वास्थ्य विभाग सो रहा है? डॉक्टरों की लूट जारी!
Is the MP Health Department Asleep? Looting by Doctors Continues!
Special Correspondent, Satna, MP Samwad.
Satna doctor’s illegible prescription sparks outrage! Patient suffers as pharmacies fail to decode ‘Brahmi script’ handwriting. Allegations of forcing patients to private clinics surface. MP Health Department under fire for negligence. Full investigation demanded!
MP संवाद, सतना जिले में मंगलवार को एक चौंकाने वाला मामला सामने आया। जिले के नागौद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए पहुंचे एक मरीज को डॉक्टर ने इतनी अस्पष्ट लिपि में दवा लिखी कि दवा खरीदना मिशन इम्पॉसिबल हो गया। कोई भी मेडिकल स्टोर डॉक्टर की लिखावट डिकोड नहीं कर पाया!
पीड़ित मरीज ललित चौधरी ने बताया कि डॉक्टर सुमित सोनी ने उनकी पर्ची पर दवा का नाम “ब्रह्माक्षरी लिपि” (एक प्रकार की गुप्त लेखन शैली) में लिख दिया। ललित ने दर्जनों दुकानों का चक्कर लगाया, लेकिन किसी ने भी पर्ची नहीं पढ़ी। अस्पताल फार्मेसी से लेकर बाहर तक, सभी ने हार मान ली!
डॉक्टर का ‘प्राइवेट क्लिनिक’ कनेक्शन?
आरोप है कि डॉक्टर सोनी जानबूझकर मरीजों को परेशान करते हैं, ताकि वे उनके प्राइवेट क्लिनिक (सिंगपुर चौराहा) में आने को मजबूर हों। मरीज ने बताया, “डॉक्टर ने सीधे कहा—’क्लिनिक आ जाओ, वहां सब मिलेगा!'”
अस्पताल में सक्रिय ‘एजेंट’ का खेल!
शिकायतों के मुताबिक, अस्पताल में ‘पुल्ली’ नाम का एक व्यक्ति मरीजों को डॉक्टर के क्लिनिक भेजने का काम करता है। पहले भी कई मरीजों ने ऐसी अस्पष्ट पर्चियों की शिकायत की है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।
डॉक्टर का बचाव?
डॉक्टर सोनी का कहना है कि उनकी लिखावट सामान्य है, लेकिन मरीज और दुकानदारों का दावा है कि पर्ची जानबूझकर समझ से बाहर लिखी गई थी।
नागौद स्वास्थ्य केंद्र का यह मामला सरकारी डॉक्टरों की लापरवाही और प्राइवेट प्रैक्टिस की मजबूरी पर सवाल खड़ा करता है। क्या स्वास्थ्य विभाग इसकी जांच करेगा?