पानी की बर्बादी का लाइव शो! सिटी कोतवाली चौराहे पर फटा सिस्टम.
सतना सिटी कोतवाली चौराहे पर फटी पाइपलाइन, सड़कों पर बहता पानी और ठप यातायात
Live show of water wastage! System collapses at City Kotwali Square.
Special Correspondent, Satna, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, सतना। शहर के सबसे व्यस्त सिटी कोतवाली चौराहे के पास शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब पेयजल सप्लाई की मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई। कुछ ही मिनटों में पानी का तेज प्रेशर ऐसा बढ़ा कि करीब 50 फीट ऊंचा फव्वारा आसमान छूने लगा। देखते-देखते सड़क जलमग्न हो गई, दुकानों में पानी घुस गया और राहगीरों व वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन हजारों लीटर कीमती पानी बेकार बह गया, जबकि शहर के कई इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी को तरसते हैं।
पानी के फव्वारे ने उड़ाई नींद, चौराहे पर अफरा-तफरी
पाइपलाइन फटते ही चौराहे पर हड़कंप मच गया। तेज दबाव से उछले पानी ने दुकानों के सामने तालाब जैसा दृश्य बना दिया। दुकानदारों ने आनन-फानन में शटर गिराए और सामान बचाने में जुट गए।
ट्रैफिक पूरी तरह थम गया, वाहन लंबी कतारों में फंस गए और लोग वैकल्पिक रास्तों की तलाश में भटकते नजर आए। हैरानी की बात यह रही कि कुछ लोग इस अव्यवस्था के बीच वीडियो और सेल्फी लेने में भी मशगूल दिखे।
ट्रैफिक ठप, फिसलन से बढ़ा हादसे का खतरा
सड़क के बीचों-बीच बहती तेज धार ने हालात और बिगाड़ दिए। दो-पहिया और छोटे वाहन फिसलने के डर से रुक गए। ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहनों को डायवर्ट किया, तब जाकर स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में आई।
जहां पानी बहा, वहीं नल सूखे
एक ओर हजारों लीटर पानी सड़कों पर बहता रहा, तो दूसरी ओर आसपास के कई मोहल्लों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। टोंटियों से पानी आना बंद हो गया। नगर निगम ने लोगों से अपील की कि सप्लाई बहाल होने तक संग्रहित पानी का ही उपयोग करें।
नगर निगम की फुर्ती या मजबूरी?
सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। सबसे पहले वॉल्व बंद कर सप्लाई रोकी गई, फिर मरम्मत कार्य शुरू कराया गया। तकनीकी टीम ने क्षतिग्रस्त पाइप सेक्शन को खोदकर बदलने की प्रक्रिया शुरू की।
अधिकारियों का दावा है कि शाम तक आंशिक और रात में स्थायी मरम्मत पूरी कर सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।
पुरानी पाइपलाइन, नया हादसा—जिम्मेदार कौन?
स्थानीय लोगों का सवाल है कि अगर पाइपलाइन पुरानी और जर्जर थी, तो समय रहते बदली क्यों नहीं गई?
नागरिकों ने मांग की है कि पूरे शहर के पाइप-नेटवर्क का ऑडिट हो, प्रेशर-मैनेजमेंट सिस्टम लगाया जाए और व्यस्त इलाकों में ऑटोमेटिक कट-ऑफ वॉल्व अनिवार्य किए जाएं। दुकानदारों ने हुए नुकसान का मुआवजा और ड्रेनेज की तत्काल सफाई की भी मांग उठाई है।