बिना पुनर्वास, सीधे कार्रवाई! नगर परिषद साईंखेड़ा पर सवाल.
Without rehabilitation, straight action! Questions raised over Saikheda Municipal Council.

Special Correspondent, Ranjeet Singh Tomar, Narsinghpur MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, नरसिंहपुर, साईंखेड़ा। सी.एम. राइज स्कूल के सामने शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के नाम पर गुरुवार को साईंखेड़ा में जो कार्रवाई हुई, उसने प्रशासन की “संवेदनशीलता” पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
प्रशासन और नगर परिषद की टीम ने राजस्व विभाग व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि न तो उन्हें किसी प्रकार का वैकल्पिक स्थान दिया गया और न ही पुनर्वास की कोई ठोस योजना बताई गई।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां रहकर जीवनयापन कर रहे हैं और अचानक हुई इस कार्रवाई से उनका पूरा परिवार सड़क पर आ गया है। लोगों ने आरोप लगाया कि सिर्फ नोटिस का हवाला देकर मानवीय पहलू को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।
नगर परिषद का दावा है कि कई बार नोटिस दिए जा चुके थे और बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए भूमि खाली कराना जरूरी था, लेकिन सवाल यह है कि—
क्या सरकारी निर्माण कार्य, विस्थापित परिवारों के भविष्य से बड़ा है?
मौके पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया। कुछ लोगों ने प्रशासन पर दबाव की राजनीति और चयनात्मक कार्रवाई का आरोप भी लगाया।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि
क्या साईंखेड़ा में विकास की कीमत गरीबों का घर उजड़ना बन गई है?
और क्या प्रशासन केवल फाइलों में ही पुनर्वास की बातें करता रहेगा?
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि जब तक प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती, तब तक ऐसी कार्रवाई रोकी जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।