पोषण आहार की कालाबाज़ारी—कौन कर रहा बच्चों के हक से खिलवाड़?
Black marketing of nutrition supplies—who is playing with children’s rights?

Special Correspondent, Ram Lakhan Yadav, Indore, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, धार। धार जिले में सामने आया यह मामला सिर्फ एक अनियमितता नहीं,
बल्कि बच्चों के अधिकारों के साथ सीधा खिलवाड़ है।
गुप्त सूचना से खुला खेल
महिला एवं बाल विकास विभाग को सूचना मिली कि आंगनवाड़ी के लिए भेजा जाने वाला पोषण आहार अवैध रूप से एक गोदाम में रखा गया है।
पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में यह खुलासा हुआ।
तबेले में मिला पोषण आहार
जांच के दौरान जिस जगह से पोषण सामग्री मिली, वह कोई सामान्य गोदाम नहीं…
बल्कि पशुओं का तबेला था।
24 बड़े बैग हलवा प्रीमिक्स
29 छोटे पैकेट बरामद
यह वही राशन है, जो बच्चों के पोषण के लिए भेजा गया था।
सप्लाई चेन पर बड़ा सवाल
यह आहार सिर्फ धार नहीं,
करीब 8 जिलों में सप्लाई होता है।
फिर यह बीच रास्ते में कैसे गायब हुआ?
और तबेले तक कैसे पहुंच गया?
यह पूरा मामला सप्लाई सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।
जिम्मेदारी किसकी?
धार से सांसद सावित्री ठाकुर हैं,
और संबंधित विभाग भी उसी दायरे में आता है।
ऐसे में जवाबदेही तय होना जरूरी है।
कार्रवाई या सिर्फ औपचारिकता?
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है,
लेकिन असली सवाल अब भी बाकी है—
क्या दोषियों तक कार्रवाई पहुंचेगी?
या फिर मामला फाइलों में दब जाएगा?
बच्चों के हक पर सीधा हमला
यह सिर्फ कालाबाज़ारी नहीं…
यह बच्चों के पोषण और भविष्य पर सीधा वार है।
अगर आंगनवाड़ी का राशन ही सुरक्षित नहीं,
तो सिस्टम पर भरोसा कैसे किया जाए?