नरसिंहपुर: गृह पंचायतों में सचिवों की नियुक्ति पर सवाल, भ्रष्टाचार की जांच शुरू
An investigation is underway in Narsinghpur’s Saikhera Janpad Panchayat regarding illegal secretary appointments and allegations of corruption in local panchayats, raising concerns about governance practices.
Saikhera Janpad Panchayat Office in Narsinghpur, Madhya Pradesh, where the investigation into secretary appointments and corruption is taking place
Special Correspondent, Narsinghpur, MP Samwad.
नरसिंहपुर: जिला नरसिंहपुर की तहसील गाडरवारा के जनपद पंचायत साईं खेड़ा अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में, मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं उनके करीबियों के आशीर्वाद से कई सचिवों ने अपनी गृह ग्राम पंचायतों में अपनी पकड़ मजबूत कर रखी है। यह नियमों के खिलाफ है, क्योंकि मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 के अनुसार कोई सचिव अपनी गृह पंचायत में पदस्थ नहीं रह सकता।
अवैध नियुक्तियां और भ्रष्टाचार
जनपद पंचायत साईं खेड़ा की बगदरा पंचायत के सचिव संतोष साहू ने लगभग 10 वर्षों से अपनी गृह पंचायत में कब्जा जमाया हुआ है, वहीं पलोहा बड़ा पंचायत के सचिव हितलेश खरे भी 4 वर्षों से अपनी पदस्थापना वहीं कराए हुए हैं। इन सचिवों के खिलाफ आरोप हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों के संरक्षण में सरेआम धांधली की जा रही है।
धोखेड़ा पंचायत में भ्रष्टाचार
ग्राम पंचायत धोखेड़ा में विकास कार्य कागजों तक ही सिमट कर रह गए हैं। कई फर्जी बिल और मनरेगा मस्टर रोल से लाखों रुपये निकालने का आरोप ग्राम रोजगार सहायक भागचंद कुशवाहा पर है। आरोप है कि उन्होंने पंचायत की योजनाओं से लाखों रुपये गबन किए और दस्तावेजों में विकास दिखाकर सरकारी राशि निकाली।
क्या कहना है अधिकारियों का
मुख्य कार्यपालन अधिकारी बसंत तिवारी ने कहा, “मैं जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बगदरा, पलोहा बड़ा और सभी पंचायत सचिवों के जोव पुस्तिका और दस्तावेजों की जांच कराऊंगा। यदि कोई सचिव अपनी गृह पंचायत में कार्यरत पाया जाता है, तो उसके खिलाफ उचित कार्यवाही की जाएगी। धोखेड़ा पंचायत के ग्राम रोजगार सहायक भागचंद कुशवाहा पर आरोपों की भी जांच की जाएगी, साथ ही उनकी सम्पत्ति की भी जांच होगी। यदि भ्रष्टाचार और अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो पंचायती राज अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
भविष्य की कार्रवाई
अब यह देखना होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद मुख्य कार्यपालन अधिकारी बसंत तिवारी, ग्राम पंचायत बगदरा और पलोहा के सचिवों द्वारा किए गए कार्यों की जांच कर प्रशासन के नियमों का पालन कराएंगे या नहीं।