नरसिंहपुर में होटल लूट का चौंकाने वाला सच, भीतर का आदमी निकला दुश्मन.
Shocking truth behind the hotel robbery in Narsinghpur – the insider turned out to be the real culprit.
नरसिंहपुर। शहर के प्रतिष्ठित होटल कुमुम वैली में हुई करोड़ों की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी बदमाश नहीं, बल्कि होटल का ही रात्रिकालीन मैनेजर निकला।
दिनांक 03 फरवरी 2026 की रात्रि करीब 3 बजे होटल कुमुम वैली के कर्मचारियों ने थाना नरसिंहपुर में सूचना दी थी कि 3–4 नकाबपोश बदमाशों ने होटल में जबरन घुसकर लगभग एक करोड़ रुपये नकद लूट लिए हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में, तीन विशेष टीमें गठित
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना स्वयं मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप भूरिया के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी मनोज गुप्ता के नेतृत्व में तीन विशेष टीमों का गठन कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।
सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुली साजिश की परतें
पुलिस ने मौके से भौतिक साक्ष्य जुटाए और होटल के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया।
जांच के दौरान होटल के रात्रिकालीन मैनेजर चंद्रेश रजक की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं। कड़ी पूछताछ में उसने लूट की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली।
लालच ने बना दिया गुनहगार, अंदर से ही लीक हुई थी करोड़ों की जानकारी
पुलिस जांच में सामने आया कि चंद्रेश रजक को होटल में रखी भारी नकदी की पूरी जानकारी थी।
लालच में आकर उसने यह जानकारी राकेश शुक्ला और अनुज वाल्मीकि को दी। इसके बाद मोनू उर्फ टूईया वंशकार सहित अन्य साथियों के साथ मिलकर पूरी लूट की योजना बनाई गई और नकाबपोश बनकर वारदात को अंजाम दिया गया।
गिरफ्तार आरोपी
- चंद्रेश रजक, निवासी यादव कॉलोनी, नरसिंहपुर
- राकेश कुमार शुक्ला, निवासी लखीमपुर खीरी (उ.प्र.), हाल निवासी नरसिंहपुर
- अनुज कुमार वाल्मीकि, निवासी लखीमपुर खीरी (उ.प्र.), हाल निवासी नरसिंहपुर
- मोनू उर्फ टूईया वंशकार, निवासी रिपटा पार, नरसिंहपुर
60 लाख रुपये नकद बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटी गई राशि में से—
- चंद्रेश रजक से – 2.5 लाख रुपये
- राकेश शुक्ला से – 2.5 लाख रुपये
- अनुज वाल्मीकि से – 10 लाख रुपये
- मोनू वंशकार से – 45 लाख रुपये
इस प्रकार कुल 60 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
वैधानिक कार्रवाई
सभी आरोपियों के विरुद्ध धारा 309(6), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विधिसंगत कार्रवाई की जा रही है।
इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका
इस सनसनीखेज लूट कांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक गौरव चाटे, निरीक्षक सौरभ पटेल, उप निरीक्षक मनीष मरावी, उप निरीक्षक मूलचंद यादव, प्रधान आरक्षक शैलेन्द्र तिवारी, देवेंद्र कुमार, आरक्षक प्रह्लाद माधवे, रोहित चंपुरिया, जितेंद्र सिंह, पंकज सिंह राजपूत, श्रेय अवस्थी, उमेश्वर पाठक, नीलेश दुबे, कुलदीप साहू, अनुराग दुबे, यमन बागरी, नंदकिशोर कुशवाहा, लक्ष्मी नागपुरे, दिनेश पटेल, बालकिशन एवं महिला आरक्षक कुमुद पाठक की विशेष भूमिका रही।