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नरोत्तम मिश्रा के बेटे के रिसॉर्ट पर पड़ा छापा, 2.5 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा

Narottam Mishra’s son’s resort raided, tax evasion of Rs 2.5 crore revealed

खास बात यह है कि SGST और CGST कार्यालय से यह रिसॉर्ट महज एक या दो किलोमीटर के बीच स्थित है. अब बड़ा सवाल है कि दोनों कार्यालय इतने पास होने के बावजूद रिजॉर्ट पर अभी तक क्यों नहीं की गई कार्रवाई थी?

भोपाल ! केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) के अफसरों ने सोमवार को ग्वालियर में इंपीरियल गोल्फ रिसॉर्ट पर छापा मारा. भोपाल और ग्वालियर की सीजीएसटी टीम ने मंगलवार सुबह तक दस्तावेज खंगाले. बताया गया कि करीब ढाई करोड़ रुपए की टैक्स चोरी का खुलासा हुआ है. यह रिसॉर्ट प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के बेटे अंशुमन मिश्रा और बिल्डर रोहित वाधवा का है

इंपीरियल गोल्फ रिसॉर्ट की बिलिंग में गड़बड़ी का टैक्स चोरी ही नहीं, बल्कि इनपुट टैक्स क्रेडिट भी लिया जा रहा था. रेस्तरां और 7500 से ज्यादा के टैरिफ के रूम पर कम जीएसटी लिए जाने के साथ इन सभी के बिलिंग पर पहले से तय टैक्स को कम किया जा रहा था.  रिसॉर्ट से मिले दस्तावेजों की सीएसटी की टीम गहनता से पड़ताल कर रही है. इसके साथ ही रिसॉर्ट के कमरों सहित कुछ हिस्से को सील भी किया जा सकता है. सीएसटी की कार्रवाई अभी जारी है और पेनल्टी ब्याज का आकलन किया जा रहा है. इसके साथ ही बिल्डर वाधवा की और भी प्रॉपर्टी सीएसटी की रडार पर है. चर्चा यह है भी है कि दूसरे प्रतिष्ठानों पर भी इसी तरह की टैक्स गड़बड़ पकड़ी जा सकती बता दें कि ग्वालियर रायरू बाईपास स्थित इंपीरियल गोल्फ रिजॉर्ट है. इसके डायरेक्टर बिल्डर रोहित वाधवा और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के बेटे अंशुमान मिश्रा भी डायरेक्टर हैं. सीएसटी के अफसर की स्क्रूटनी के दौरान यह पता चला है कि ग्वालियर के इस रिसॉर्ट में सीएसटी के नियमों को तोड़कर टैक्स वसूली में गड़बड़ की जा रही है. इसके आधार पर टीम तैयार की गई और 11 अधिकारियों की टीम को छापेमारी के लिए अधिकृत किया गया.

भोपाल के अधिकारियों के साथ स्थानीय अफसर भी पहुंचे और पुलिस की मौजूदगी में पड़ताल शुरू की.  इस पूरे मामले पर जब डायरेक्टर रोहित वाधवा और अंशुमान मिश्रा से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं नहीं किया. खास बात यह है कि एसजीएसटी और सीजीएसटी ग्वालियर कार्यालय से यह रिसॉर्ट महज एक या दो किलोमीटर के बीच स्थित है. अब बड़ा सवाल है कि दोनों कार्यालय इतने पास होने के बावजूद इस रिजॉर्ट पर अभी तक क्यों नहीं की गई कार्रवाई? पूर्व गृहमंत्री पर यह कार्रवाई किसके इशारे पर हुई? क्या आगे भी है कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि शहर के अंदर रोहित वाधवा ने सैकड़ों एकड़ जमीन को खरीद कर कॉलोनी काटी हैं और कई एकड़ जमीन पर रिसॉर्ट और स्कूल कॉलेज भी बने हुए हैं.

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