सिंथेटिक ड्रग का हब बनता मंदसौर? पुलिस कार्रवाई से खुली बड़ी सप्लाई चेन.
मंदसौर में पुलिस ने एमडी सिंथेटिक ड्रग के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया।
Is Mandsaur turning into a hub for synthetic drugs? Police action exposes a major supply chain.
Special Correspondent, Richa Tiwari, Mandsaur, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, मंदसौर। मंदसौर में 1.5 किलो एमडी ड्रग की बरामदगी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर प्रदेश की सीमाओं से करोड़ों की सिंथेटिक ड्रग्स बेरोकटोक शहरों तक कैसे पहुंच रही हैं?
राजस्थान के प्रतापगढ़ से मंदसौर तक फैला यह नशे का रास्ता अब सिर्फ दो तस्करों तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा। कोतवाली पुलिस द्वारा पकड़े गए गुलशेर खान पठान और नंदकिशोर पाटीदार की गिरफ्तारी ने एक बड़े और संगठित ड्रग नेटवर्क की ओर इशारा कर दिया है।
1 करोड़ 50 लाख रुपये की एमडी ड्रग, दो बाइक और अन्य नशीले पदार्थों की बरामदगी ने यह साफ कर दिया है कि मंदसौर अब केवल ट्रांजिट प्वाइंट नहीं, बल्कि नशे की सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
इतनी बड़ी मात्रा में सिंथेटिक ड्रग राज्य की सीमा में कैसे दाखिल हुई?
स्थानीय स्तर पर किन लोगों की शह और नेटवर्क के सहारे यह कारोबार फल-फूल रहा था?
पुलिस भले ही कार्रवाई को बड़ी सफलता बता रही हो, लेकिन असली परीक्षा अब आरोपियों से होने वाली पूछताछ में है, जहां यह तय होगा कि यह सिर्फ दो नाम हैं या फिर पर्दे के पीछे कई और चेहरे छिपे हैं।
नशे के इस ज़हरीले कारोबार पर सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को बेनकाब करना ही असली कार्रवाई होगी।