आग में झुलसा मध्य प्रदेश: फसलें राख, किसान बेहाल.
Madhya Pradesh scorched by fires: Crops reduced to ashes, farmers in distress.

Special Correspondent, Richa Tiwari, Bhopal, MP Samwad News.
MP संवाद, भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी के साथ आग का कहर भी तेज हो गया है—
और इस बार इसकी चपेट में सबसे ज्यादा किसान आए हैं।
बैतूल से सिवनी तक
रायसेन से सतना तक
हर जगह एक ही तस्वीर—
जलती फसलें, भागते किसान और देर से पहुंचता सिस्टम।
कहीं बिजली के तार चिंगारी बन रहे हैं,
तो कहीं ट्रांसफार्मर आग का कारण बन रहे हैं।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल—
क्या हर बार किसान ही कीमत चुकाएगा?
क्या दमकल व्यवस्था सिर्फ कागजों तक सीमित है?
नर्मदापुरम में तो हालात ऐसे रहे कि
फायर ब्रिगेड बीच रास्ते में खराब हो गई
और आग बेकाबू होती चली गई
सिवनी में 200 एकड़…
सतना में 100 क्विंटल…
रायसेन में 10 एकड़…
आंकड़े सिर्फ संख्या नहीं हैं,
ये किसानों की बर्बादी की कहानी हैं।
यह सिर्फ प्राकृतिक हादसा नहीं…
यह सिस्टम की तैयारी और लापरवाही पर बड़ा सवाल है।
अगर समय रहते
बिजली व्यवस्था सुधारी जाती
दमकल संसाधन मजबूत होते
तो शायद यह नुकसान टाला जा सकता था।
अब जरूरत है—
त्वरित मुआवजा
जिम्मेदारों पर कार्रवाई
और मजबूत आपदा प्रबंधन की
क्योंकि हर साल जलती फसलें…
अब “खबर” नहीं,
एक गंभीर चेतावनी बन चुकी हैं।