ई-रिक्शा चालकों की मनमर्जी vs यातायात पुलिस की निष्क्रियता.
Katni’s traffic nightmare worsens as unchecked e-rickshaws and encroachments paralyze roads. Will authorities act?
Traffic snarls dominate Katni’s streets as e-rickshaws and vendors clog key junctions. (Credit: MP Samwad)
E-Rickshaw Drivers’ Lawlessness vs Traffic Police’s Apathy.
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
Katni’s streets choke under unruly e-rickshaws, encroachments & traffic mismanagement. Despite civic efforts, chaos reigns at key junctions like Subhash Chowk & Station Road. Citizens demand action as police and Nagar Nigam fail to restore order. Will authorities wake up?
MP संवाद, कटनी। छोटे शहर की तंग गलियों में आए दिन यातायात का जंगलराज नागरिकों की रूह कंपा देता है। ई-रिक्शा चालकों की मनमानी, वाहनों की अराजक पार्किंग और सड़कों पर कब्जा जमाए व्यापारियों ने शहर को जाम का “हॉटस्पॉट” बना दिया है। नगर निगम और यातायात पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे।
चौराहों पर ‘ट्रैफिक माफिया’ का कब्जा!
- गांधी द्वार से घंटाघर तक – ई-रिक्शा वालों की जिद के आगे फंसी गाड़ियाँ।
- सुभाष चौक और झंडा बाजार – फुटपाथ पर दुकानें, सड़क पर ठेले, पैदल यात्रियों के लिए जगह नहीं!
- स्टेशन रोड – बिना पार्किंग वाले संस्थानों ने सड़क को बना दिया “कार पार्किंग”।
नागरिकों का आक्रोश – “अब बस हो चुका!”
स्थानीय लोगों का कहना है – “हर दिन 1 घंटा जाम में फंसना मजबूरी बन गया है। अधिकारी सिर्फ नोटिस बांटकर खानापूर्ति करते हैं!”
क्या है समाधान?
- सख्त पार्किंग नीति और अतिक्रमण हटाने के विशेष अभियान की मांग।
- ई-रिक्शा रूट्स का निर्धारण और चालान अभियान।
- नागरिकों से सहयोग की अपील।
अब सवाल ये है – क्या कटनी प्रशासन इस ‘ट्रैफिक मेले’ को व्यवस्था में बदल पाएगा?