थाने में बिक रहा है न्याय — कटनी में जीतू पटवारी के सामने ग्रामीणों ने खोली पोल.
Justice is being sold at the police station” — villagers expose the truth in front of Jitu Patwari in Katni.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के बाद शहडोल प्रवास पर रवाना हुए जीतू पटवारी का काफिला उस वक्त अचानक रुक गया, जब कटनी जिले के विलायत कला बस स्टैंड पर ग्रामीणों ने रास्ता घेर लिया।
ग्रामीणों का आरोप था कि बड़वारा थाना क्षेत्र में खुलेआम पुलिसिया प्रताड़ना और भ्रष्टाचार चल रहा है तथा न्याय पैसे के दम पर तय किया जा रहा है। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष को स्वयं वाहन से उतरकर ग्रामीणों की शिकायतें सुननी पड़ीं।
बीच सड़क लगी ग्रामीणों की पंचायत
कटनी से शहडोल जाते समय सैकड़ों ग्रामीणों ने जीतू पटवारी को घेर लिया। ग्रामीणों ने बताया कि बड़वारा थाना क्षेत्र में पीड़ितों की सुनवाई नहीं हो रही है और गरीबों के साथ अन्याय किया जा रहा है।
ग्रामीणों की पीड़ा सुनते ही पटवारी ने मौके पर ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
पुलिस अधीक्षक से सीधी बात – “गरीबों के साथ ये कैसा न्याय?”
ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के तुरंत बाद जीतू पटवारी ने कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा से फोन पर चर्चा की।
उन्होंने बड़वारा थाना प्रभारी के.के. पटेल और थाना स्टाफ की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी जताई।
बातचीत के मुख्य बिंदु
➡ रिश्वत का गंभीर आरोप
पटवारी ने एसपी को बताया कि ग्रामीणों के अनुसार एक गरीब व्यक्ति से थाना प्रभारी द्वारा लगभग एक लाख रुपये लिए गए, इसके बावजूद उसी व्यक्ति के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर दिया गया।
➡ विपक्ष की सख्त चेतावनी
उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ही पीड़ितों को प्रताड़ित करेगी, तो जनता न्याय के लिए आखिर जाए तो कहां जाए।
➡ निष्पक्ष जांच की मांग
पटवारी ने स्पष्ट कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर अविलंब कड़ी कार्रवाई की जाए।
प्रशासनिक खेमे में हड़कंप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के इस अचानक हस्तक्षेप और सीधे पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद बड़वारा थाना पुलिस बैकफुट पर नजर आ रही है।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब पुलिस प्रशासन अपने ही कर्मचारियों पर कार्रवाई करेगा या फिर ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ेगा।
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।