न अधिकार, न आदेश—फिर भी वसूली! कटनी में बड़ा खेल.
No Authority, No Order—Yet Extortion Continues! A Big Scam Unfolds in Katni.

Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी। जिले के NH-43 (कटनी–उमरिया मार्ग) पर सुर्खी टैंक के पास स्थित वन विभाग के नाके में अवैध वसूली का बड़ा मामला सामने आया है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन (181) की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यहां वन विभाग के कर्मचारियों और निजी गुंडों की मिलीभगत से खनिज वाहनों से अवैध उगाही की जा रही थी।
हेल्पलाइन जांच में पुष्टि
- शिकायतकर्ता जगदीश तिवारी द्वारा की गई शिकायत के बाद जांच हुई
- जांच में सामने आया कि
👉 ट्रक चालकों से ₹100 से ₹500 तक की वसूली की जा रही थी
👉 इस वसूली की कोई रसीद भी नहीं दी जाती थी
यानी यह पूरा खेल संगठित उगाही सिंडिकेट के रूप में चल रहा था।
बिना अधिकार के रोके जा रहे वाहन
सबसे बड़ा खुलासा यह है कि:
- जिले में शासन द्वारा कोई भी खनिज जांच नाका अधिसूचित नहीं है
- इसके बावजूद खनिज वाहनों को रोककर वसूली की जा रही थी
जबकि नियमों के अनुसार
वन विभाग को केवल लकड़ी और वन उपज की जांच का अधिकार है।
कार्रवाई की बजाय लीपापोती?
हैरानी की बात यह है कि:
इतने बड़े खुलासे के बावजूद एफआईआर दर्ज कराने की बजाय खनिज विभाग के अधिकारी सिर्फ पत्राचार तक सीमित रहने की बात कर रहे हैं
इससे मामले को दबाने की आशंका भी जताई जा रही है।
ऊपर तक सेटिंग” का शक?
इस पूरे मामले ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं:
👉 क्या यह अवैध वसूली
ऊपर बैठे अधिकारियों की मौन सहमति से हो रही थी?
👉 क्या लंबे समय से चल रहे इस खेल पर
प्रशासन की नजर नहीं थी या जानबूझकर अनदेखी की जा रही थी?
शिकायतकर्ता की हिम्मत से खुला खेल
👉 शिकायतकर्ता जगदीश तिवारी की पहल ने
👉 इस पूरे उगाही सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया
बड़ा सवाल: कार्रवाई या फिर फाइलों में दबेगा मामला?
अब सवाल यह उठता है:
👉 जब जांच में अवैध वसूली साबित हो गई, तो FIR क्यों नहीं?
👉 दोषियों पर सख्त कार्रवाई कब होगी?
👉 क्या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह दबा दिया जाएगा?
कटनी का यह मामला
👉 प्रशासनिक तंत्र में जड़ जमाए भ्रष्टाचार की गंभीर तस्वीर पेश कर रहा है।