कटनी स्वास्थ्य विभाग में घोटाले का पर्दाफाश, लेखापाल निलंबित.
कटनी स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय घोटाले का खुलासा, लेखापाल पर गिरी निलंबन की गाज
Scam Exposed in Katni Health Department, Accountant Suspended.
Special Correspondent, Katni, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, कटनी के स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि अब यह सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हक पर भी डाका डालती नजर आ रही है। बहोरीबंद अस्पताल से जुड़ा मामला यह साबित करता है कि सिस्टम की अनदेखी किस तरह एक बुजुर्ग महिला कर्मचारी को उसके वैध अधिकारों से वंचित कर सकती है।
सेवानिवृत्त एएनएम सावित्री देवी वर्मा की पेंशन, जीपीएफ और अन्य स्वत्व वर्षों तक अटके रहे, लेकिन विभागीय अफसरों को इसकी भनक तक नहीं लगी—या फिर जानबूझकर अनदेखी की गई। सवाल यह है कि अगर जनसुनवाई में शिकायत न होती, तो क्या यह मामला कभी सामने आता?
जांच में तत्कालीन प्रभारी लेखापाल राहुल मिश्रा की वित्तीय अनियमितता और घोर लापरवाही उजागर हुई, जिसके बाद कलेक्टर को निलंबन जैसा सख्त कदम उठाना पड़ा। यह कार्रवाई स्वागतयोग्य है, लेकिन इससे एक और बड़ा सवाल खड़ा होता है—क्या यह लापरवाही सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित है, या पूरे सिस्टम में फैली हुई है?
स्वास्थ्य विभाग, जो आम नागरिकों की जिंदगी और कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ा है, वहां अगर पेंशन जैसी बुनियादी जिम्मेदारी निभाने में भी अफसर विफल हों, तो यह प्रशासनिक विफलता नहीं तो और क्या है?
कलेक्टर की कार्रवाई ने यह तो साबित किया कि शिकायत करने पर न्याय संभव है, लेकिन यह भी सच है कि बिना आवाज उठाए ऐसे कई मामले फाइलों में दबे रह जाते हैं। अब जरूरत है कि स्वास्थ्य विभाग के वित्तीय मामलों की व्यापक ऑडिट और जवाबदेही तय की जाए, ताकि किसी और सावित्री देवी को अपने हक के लिए दर-दर न भटकना पड़े।