नकली बीज, असली नुकसान — चार केंद्रों पर सख्त कार्रवाई.
Fake seeds, real damage — strict action against four centres.

Special Correspondent, Richa Tiwari, Sehore, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार | सीहोर, जिले में किसानों की मेहनत और फसलों से खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा था। अमानक और नकली बीज बेचकर न केवल किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा था, बल्कि खेतों की उपजाऊ क्षमता को भी गंभीर रूप से प्रभावित किया जा रहा था।
अब कृषि विभाग ने ऐसे बीज विक्रेताओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है।
कृषि विभाग के उप संचालक अशोक कुमार उपाध्याय द्वारा जिले के चार बीज विक्रय केंद्रों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
इन दुकानों पर हुई कार्रवाई
- गल्ला मंडी, सीहोर स्थित मेवाड़ा कृषि सेवा केंद्र
- जमोनिया रोड, सीहोर स्थित हरिओम ट्रेडर्स
- भैरूंदा विकासखंड स्थित मेसर्स स्वाति ट्रेडर्स
- इंदौर–भोपाल रोड, भैरूंदा स्थित मेसर्स रिजनेबल एग्रो एजेंसी
जांच में खुलासा – गेहूं बीज फेल
कृषि उप संचालक अशोक कुमार उपाध्याय ने बताया कि इन सभी दुकानों से गेहूं बीज के नमूने लेकर राज्य बीज परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए थे।
जांच रिपोर्ट में बीजों की अंकुरण क्षमता निर्धारित मानकों से काफी कम पाई गई, जिससे यह साफ हो गया कि किसानों को अमानक और घटिया गुणवत्ता का बीज बेचा जा रहा था।
सिर्फ दुकानदार नहीं, कंपनियों पर भी गिरी गाज
जांच में यह भी सामने आया कि अमानक बीज सप्लाई करने वाली कंपनियां भी जिम्मेदार हैं।
इसी के चलते संबंधित कंपनियों के उत्पादों को जिले में प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इनमें प्रमुख रूप से —
- मेसर्स कुबेर सीड्स एंड बायोटेक, उज्जैन
- मेसर्स हरियाली एग्रो सीड्स एंड फर्टिलाइजर्स प्रा. लि., देवास
- मेसर्स महिको प्राइवेट लिमिटेड, मुंबई
शामिल हैं।
शेष स्टॉक की भी होगी जांच
कृषि विभाग ने संबंधित सभी विक्रय स्थलों का निरीक्षण कर शेष बीज स्टॉक की जानकारी जुटाने और नियमों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
बड़ा सवाल – कब टूटेगा नकली बीज का पूरा नेटवर्क?
यह कार्रवाई जरूर राहत देने वाली है, लेकिन सवाल यह भी है कि
👉 जिले में अब तक कितने किसानों को इन अमानक बीजों से नुकसान हुआ?
👉 वर्षों से चल रहे इस नेटवर्क पर पहले कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
किसानों से कृषि विभाग की अपील
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि —
- बीज केवल अधिकृत और पंजीकृत विक्रेताओं से ही खरीदें
- बीज खरीदते समय बिल और प्रमाणन अवश्य लें
- किसी भी तरह की शिकायत होने पर अपने विकासखंड के
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी या नजदीकी कृषि कार्यालय में तुरंत संपर्क करें
किसानों की फसल से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई की यह शुरुआत है —
लेकिन जब तक नकली बीज माफिया की जड़ें नहीं काटी जाएंगी, तब तक खेती सुरक्षित नहीं कही जा सकती।