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अंतरराष्ट्रीय मंच पर विदिशा का डंका, फॉरेंसिक रिसर्च में डॉ विवेक चौकसे को वैश्विक सम्मान.

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Dr Vivek Chouksey receiving international forensic research award at global conference representing Atal Bihari Vajpayee Medical College Vidisha

अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में फॉरेंसिक रिसर्च के लिए सम्मानित होते डॉ विवेक चौकसे।

Vidisha makes waves on the international stage, Dr. Vivek Chouksey receives global recognition for forensic research.

Special Correspondent, Richa Tiwari, Vidisha, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, विदिशा। 29 जनवरी 2026 से 01 फरवरी 2026 तक भारत में आयोजित प्रथम अंतरराष्ट्रीय फॉरेंसिक सम्मेलन GLAFIMSCON में अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, विदिशा के चिकित्सकों ने प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।

यह सम्मेलन Global Academy of Forensic and Investigative Medicine & Science (GLAFIMS) द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें फॉरेंसिक मेडिसिन, विष विज्ञान, फॉरेंसिक साइंस, न्यायपालिका, डेंटल फॉरेंसिक सहित विभिन्न विधाओं से जुड़े लगभग एक हजार विशेषज्ञों ने भाग लिया। यह संस्था द्वारा भारत में आयोजित पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन था।

सम्मेलन में अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, विदिशा के वरिष्ठ फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. विवेक चौकसे ने अपने शोध पत्र के माध्यम से बताया कि जब किसी मृत्यु में एक से अधिक कारण प्रतीत होते हैं, तब घटनाओं की श्रृंखला का वैज्ञानिक अनुक्रम कैसे निर्धारित किया जाता है।

डॉ. चौकसे ने अपने शोध में एक आठ वर्षीय बालक के प्रकरण का उल्लेख किया, जिसमें शव प्रारंभिक सड़न अवस्था में मिला था। मामले में सिर पर गंभीर चोट, दम घुटने के लक्षण तथा अप्राकृतिक यौन कृत्य के संकेत पाए गए थे। उन्होंने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की क्रमबद्धता और वास्तविक मृत्यु कारण का विश्लेषण प्रस्तुत किया।

उन्होंने यह भी बताया कि जब किसी व्यक्ति को एक से अधिक गंभीर चोटें होती हैं, तब प्रथम चोट और अंतिम चोट के क्रम का वैज्ञानिक आकलन किस प्रकार किया जाता है।

यह शोध पुलिस को अपराधी की पहचान और गिरफ्तारी में तथा न्यायपालिका को पीड़ित को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण सहायक सिद्ध होता है।

इस शोध एवं केस प्रेजेंटेशन के लिए डॉ. विवेक चौकसे को विश्व स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।

अंतरराष्ट्रीय फॉरेंसिक क्विज में भी विदिशा का सम्मान

इसी सम्मेलन में अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के डॉ. वैभव अग्रवाल ने इंटरनेशनल फॉरेंसिक क्विज प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर संस्थान का नाम गौरवान्वित किया।

अत्याधुनिक तकनीकों और हैंड्स-ऑन कार्यशाला का आयोजन

सम्मेलन के दौरान विदेशों में प्रयुक्त नवीन फॉरेंसिक तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
साथ ही जहर सेवन से भर्ती होने वाले आकस्मिक मरीजों की त्वरित जांच से संबंधित विषय पर हैंड्स-ऑन कार्यशाला का भी आयोजन किया गया।

खंडवा में हुआ आयोजन, मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री का संदेश

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, खंडवा (इंदौर संभाग) में किया गया।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री द्वारा वीडियो संदेश के माध्यम से सम्मेलन के लिए शुभकामनाएं प्रेषित की गईं।

महाविद्यालय स्तर पर हुआ सम्मान

अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, विदिशा के अधिष्ठाता डॉ. मनीष निगम ने दोनों विजेता चिकित्सकों को सम्मानित करते हुए शुभकामनाएं दीं।

फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह पटेल ने डॉ. विवेक चौकसे एवं डॉ. वैभव अग्रवाल को विभाग की ओर से बधाई दी।

अधिष्ठाता डॉ. मनीष निगम ने कहा कि यह उपलब्धि केवल विदिशा ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। महाविद्यालय का फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

पहले भी मिल चुकी है राष्ट्रीय स्तर पर सफलता

उल्लेखनीय है कि जनवरी माह में भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय फॉरेंसिक सम्मेलन में भी
डॉ. वैभव अग्रवाल एवं डॉ. सावन वर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया था।

इसके अलावा डॉ. विवेक चौकसे को दिनांक 26 जनवरी 2024 को उत्कृष्ट चिकित्सकीय सेवाओं के लिए कलेक्टर विदिशा द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया था।

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