10 साल बाद डायल 100 रिटायर, बोलेरो नियो के साथ 112 संभालेगी मोर्चा.
After 10 Years, Dial 100 Retires; Bolero Neo Joins Dial 112 to Take Charge.
Harishankar Parashar, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
After serving for a decade, Madhya Pradesh’s Dial 100 emergency service is retiring. From now on, Dial 112 will handle emergency operations, equipped with upgraded Bolero Neo vehicles for faster, more efficient response across the state. This shift aims to boost public safety and emergency handling.
MP संवाद, भोपाल, 14 अगस्त 2025 से डायल-100 सेवा बंद हो जाएगी और इसकी जगह डायल-112 सेवा शुरू होगी। यह नई प्रणाली अधिक तकनीकी रूप से उन्नत होगी और राज्यभर में तेजी से प्रतिक्रिया देने में सक्षम होगी। अब कॉल करने वाले की लोकेशन GPS से ट्रैक होगी और तुरंत मदद पहुंचेगी।
बोलेरो नियो से होगी पेट्रोलिंग
डायल-112 में नई बोलेरो नियो गाड़ियां शामिल होंगी, जिनमें GPS, वायरलेस, डिजिटल नेविगेशन और लाइव लोकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं होंगी। राज्यभर में 1200 नई गाड़ियां फर्स्ट रिस्पॉन्स व्हीकल (FRV) के रूप में तैनात होंगी।
नई प्रणाली की प्रमुख खूबियां
- 100 एजेंट प्रति शिफ्ट क्षमता वाला नया कॉन्टैक्ट सेंटर
- SIP आधारित ट्रंक लाइन पर माइग्रेशन, बेहतर कॉल एक्सेस के लिए
- नंबर मास्किंग समाधान – कॉलर की गोपनीयता बनी रहेगी
- FRV रखरखाव के लिए फ्लीट मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर
- डैशबोर्ड और बॉडी वॉर्न कैमरा
- नागरिकों और पुलिस के लिए स्पेशल मोबाइल ऐप
- चैटबॉट के जरिए शिकायतों की ट्रैकिंग
2015 में शुरू हुई थी डायल-100
01 नवंबर 2015 को डायल-100 सेवा की शुरुआत मध्यप्रदेश में हुई थी, जो भारत की पहली केंद्रीकृत पुलिस आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली थी। इसका मकसद पूरे राज्य में—चाहे शहर हो या गांव—तेज, तकनीकी और प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराना था।
अब और तेज़ होगी मददनई डायल-112 प्रणाली के साथ पुलिस इमरजेंसी अब और तेज़ होगी मदद
अब और तेज़ होगी मदद
नई डायल-112 प्रणाली के साथ पुलिस इमरजेंसी वाहन अब पहले से भी तेज़ और सटीक लोकेशन ट्रैकिंग के जरिए औसतन 16 मिनट में मदद पहुंचाने का लक्ष्य रखेंगे।