धान घोटाले में अफसर-मिलर गठजोड़! बालाघाट में 2.79 करोड़ की हेराफेरी पर बड़ी कार्रवाई.
Officer–miller nexus in a paddy scam! Major action over a ₹2.79 crore fraud in Balaghat.

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, बालाघाट। आर्थिक अनुसंधान विभाग, जबलपुर द्वारा बालाघाट जिले में शासकीय धान की हेराफेरी के मामले में मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ एवं मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों तथा राइस मिलर्स के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है।
ईओडब्ल्यू द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार 8 दिसंबर 2023 से 20 सितंबर 2024 की अवधि के दौरान शासकीय धान की कस्टम मिलिंग में हेराफेरी कर लगभग 2.79 करोड़ रुपये का भुगतान कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाई गई।
इस मामले में अपराध क्रमांक 39/2026 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 316(5), 338, 336(3), 340(2), 318(4), 61(2) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 2(सी), 13(1)(ए) एवं 13(2) के अंतर्गत अपराध दर्ज किया गया है।
प्रकरण में आरोपी बनाए गए हैं—
अभिषेक निषाद (तत्कालीन उप प्रबंधक वित्त, विपणन संघ बालाघाट),
हिरेंद्र रघुवंशी (तत्कालीन जिला विपणन अधिकारी, बालाघाट),
विवेक तिवारी (जिला विपणन अधिकारी, बालाघाट),
हरिष कोरी (उप प्रबंधक वित्त, विपणन संघ बालाघाट),
पीयूष माली (तत्कालीन जिला प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम बालाघाट),
दुर्गेश बैस (लेखपाल, नागरिक आपूर्ति निगम बालाघाट),
प्रकाश सचदेव (प्रोपराइटर, सचदेव राइस मिल, कोसमी) एवं
समीर सचदेव (संचालक, सचदेव राइस मिल, कोसमी)।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ में इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी कि विपणन संघ एवं नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारियों द्वारा शासकीय धान की कस्टम मिलिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की गई है।
प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।