तब बोले थे अमिताभ बच्चन, अब क्यों खामोशी? कांग्रेस का 51 हजार का खुला चैलेंज!
Amitabh Bachchan spoke then—why the silence now? Congress announces an open ₹51,000 challenge!

Special Correspondent, Ram Lakhan Yadav, Indore, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, इंदौर। गिरते रुपये पर अब सियासी जंग खुलकर सामने आ गई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने 2013 के एक ट्वीट को हथियार बनाते हुए अमिताभ बच्चन पर सीधा सवाल दाग दिया—“तब चिंता थी, अब चुप्पी क्यों?”
इंदौर की सड़कों पर लगे पोस्टरों ने इस मुद्दे को और भड़का दिया है। कांग्रेस नेता विवेक खंडेलवाल द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों में अमिताभ का पुराना ट्वीट दिखाकर जनता से सवाल पूछा जा रहा है। साथ ही कांग्रेस ने 51 हजार रुपये का इनाम घोषित कर इस राजनीतिक वार को और धार दे दी है।
कांग्रेस का कहना है कि 2013 में जब रुपया गिर रहा था, तब जूही चावला, अनुपम खेर और विवेक अग्निहोत्री जैसे कलाकार खुलकर प्रतिक्रिया देते थे। आज वही चेहरे खामोश क्यों हैं?
दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को “नौटंकी” करार दिया है। बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए पोस्टर पॉलिटिक्स कर रही है, जबकि रुपया गिरने के पीछे वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं।
दरअसल, मध्य पूर्व में ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और विदेशी निवेशकों की निकासी ने भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया है। नतीजा—रुपया पहली बार 93 के पार पहुंच गया।
अब सवाल सिर्फ रुपये का नहीं, बल्कि सियासी नैरेटिव का है—क्या यह आर्थिक संकट है या राजनीतिक अवसर? इंदौर से उठी यह बहस अब पूरे देश में गूंज रही है।