लालबर्रा कॉलेज में भर्ती घोटाला? जांच समिति ने जुटाए सबूत!
Recruitment Scam in Lalbarra College? Investigation Committee Gathers Evidence!
Sharad Dhaneshwar, Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
A probe committee investigated Lalbarra College over staff absence and alleged irregular lab attendant appointments. Complainant Satnand Damahé submitted written statements, but no direct questioning occurred. The committee avoided media, focusing on a report for the Higher Education Department. Findings will decide if action is taken against irregularities.
MP संवाद, बालाघाट, लालबर्रा। शासकीय महाविद्यालय लालबर्रा में कर्मचारियों के मुख्यालय में अनुपस्थित रहने और लैब अटेंडेंट की कथित अनियमित नियुक्तियों के आरोपों की जांच के लिए शुक्रवार को बालाघाट से तीन सदस्यीय जांच समिति कॉलेज पहुंची। जटाशंकर त्रिवेदी स्नातकोत्तर महाविद्यालय (प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस), बालाघाट से गठित इस समिति में प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार मराठे, प्रो. पीएस अतुलकर और डॉ. भूपेंद्र ब्रम्हे शामिल थे।
समिति ने कॉलेज पहुंचकर प्राचार्य कक्ष में बैठक की और संबंधित पक्षों से उनके लिखित बयान लिए। हालांकि, इस दौरान किसी से प्रत्यक्ष पूछताछ नहीं की गई और न ही किसी दस्तावेज की जांच हुई। जांच प्रक्रिया पूरी तरह लिखित प्रतिवेदनों पर आधारित रही।
ग्राम नगपुरा के पूर्व सरपंच सतानंद दमाहे, जिन्होंने यह शिकायत उच्च शिक्षा विभाग और कलेक्टर बालाघाट को की थी, को भी अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया। श्री दमाहे ने बताया कि वे मौखिक रूप से पेश होने की तैयारी करके आए थे, लेकिन समिति ने केवल लिखित बयान लेने की प्रक्रिया अपनाई।
मीडिया से दूरी, जांच गोपनीय
जांच समिति और कॉलेज प्रबंधन ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। पत्रकारों के सवालों के जवाब में समिति ने केवल इतना कहा कि सभी पक्षों के बयान लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जो अगले दो दिन में उच्च शिक्षा विभाग को भेजी जाएगी।
क्या हैं आरोप?
- कर्मचारियों की गैर-मौजूदगी: शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्राध्यापक और कर्मचारी मुख्यालय में नहीं रहते, जिससे पढ़ाई और अनुशासन प्रभावित हो रहा है।
- लैब अटेंडेंट की अनियमित नियुक्तियाँ: 3 मई को सेडमैप के माध्यम से हुई चार लैब अटेंडेंट की भर्ती में पारदर्शिता की कमी, बिना विज्ञापन के चयन और जनभागीदारी समिति के निर्देशों की अवहेलना के आरोप लगे हैं।
अब क्या?
जांच रिपोर्ट के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग अगले कदम तय करेगा। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल, कॉलेज प्रशासन और शिकायतकर्ता दोनों रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं