रोक के बावजूद धड़ल्ले से व्यापार! लालबर्रा में प्रशासन बना मूकदर्शक.
Unabated Trade Despite the Ban! Administration Turns a Blind Eye in Lalbarra.
Sharad Dhaneshwar, Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
Despite a government-imposed ban on fish sales during the breeding season, illegal trade continues openly in Lalbarra. Rules are being openly flouted while authorities remain silent. Action, if any, is only for show. Citizens demand strict enforcement and accountability from the administration.
MP संवाद, बालाघाट, लालबर्रा। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मध्यप्रदेश शासन द्वारा 16 जून से 15 अगस्त तक मछली के क्रय-विक्रय और शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। यह अवधि मछलियों के प्रजनन काल की होती है, जिसे ध्यान में रखते हुए मत्स्य विभाग द्वारा यह रोक लगाई जाती है ताकि जलजीवों की संख्या संतुलित बनी रहे।
लेकिन लालबर्रा क्षेत्र में यह आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। नगर मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचलों तक कई स्थानों पर मछली का खुलेआम विक्रय हो रहा है — वह भी प्रशासन की मौन स्वीकृति के साथ।
? बेखौफ मछली विक्रेता, नियमों की उड़ती धज्जियाँ
लालबर्रा की मछली मार्केट सहित अन्य इलाकों में मछली विक्रेताओं को निडर होकर व्यापार करते देखा जा सकता है। जब हमारे संवाददाता ने एक विक्रेता से बात की तो उसने साफ शब्दों में कहा —
“काय के नियम-कानून… अगर नियमों से चलेंगे तो भूखे मर जाएंगे। अधिकारी आते हैं, खर्चा-पानी लेकर चले जाते हैं। शिकायत हो तभी कार्रवाई होती है, वरना जो चल रहा है, चलने दो।”
इस बयान से स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत और उदासीनता की तस्वीर स्पष्ट होती है। यद्यपि प्रशासनिक टीम क्षेत्र में भ्रमण करती दिखती है, लेकिन मछली विक्रेताओं पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
? कानून क्या कहता है?
मध्यप्रदेश मत्स्य विभाग के आदेशानुसार, 16 जून से 15 अगस्त तक मछली पकड़ना, बेचना या खरीदना प्रतिबंधित है। इस नियम के उल्लंघन पर एक वर्ष की सजा या ₹5000 का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। परंतु ज़मीनी हालात इसके ठीक विपरीत हैं —
“दौरे भी होते हैं, लेकिन ले-देकर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है।”
? यहाँ हो रही है खुलेआम बिक्री:
प्रमुख विक्रय स्थल जहां मछली का अवैध व्यापार धड़ल्ले से जारी है:
- पावरहाउस के पास
- बकोड़ा चौक
- बम्हनी चौक
- साल्हे मोहल्ला
- बिरसोला चौक
- नेवरगांव (वा और ला)
- कंजई चौक
- कनकी मेन रोड
- बोरी चौक
इन स्थानों पर मछली की बिक्री ऐसे हो रही है जैसे कोई सरकारी आदेश अस्तित्व में ही नहीं है।
? अब निगाहें प्रशासन पर
अब बड़ा सवाल यह है —
क्या इस खुलासे के बाद मत्स्य विभाग और प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई करेगा या फिर सब कुछ ‘मैनेज’ कर दिया जाएगा?
स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि केवल जुर्माना या चेतावनी नहीं, बल्कि सख्त कार्रवाई की जाए ताकि शासन की गरिमा बनी रहे और अगली बार इस प्रकार की अवहेलना न हो।
