भोपाल का ‘टेढ़ा सच’: 18 करोड़ में बना पुल बना भ्रष्टाचार का प्रतीक.
Bhopal’s ‘Crooked Truth’: The ₹18 Crore Bridge That Became a Symbol of Corruption.
Kamlesh, Editor Desk, Bhopal, MP Samwad.
Bhopal’s controversial 90° bridge built for ₹18Cr sparks corruption allegations. Opposition slams PWD Minister for design flaws and safety risks as viral memes expose engineering failures. Public outrage grows over the ‘dangerous turn’ while officials promise investigation.
MP संवाद, भोपाल का नवनिर्मित ऐशबाग ओवरब्रिज आज देशभर में सुर्खियों में है, न किसी अनूठी खूबी के लिए, बल्कि अपनी विवादास्पद 90 डिग्री की मोड़ वाली डिजाइन के लिए। 18 करोड़ रुपये की लागत और 8 साल के निर्माण काल के बाद तैयार हुए इस पुल पर अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं।
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, “यह कोई सामान्य पुल नहीं, बल्कि भाजपा सरकार के भ्रष्टाचार का ‘समकोण’ है। जिस तरह यह पुल 90 डिग्री पर मुड़ता है, ठीक उसी तरह इस परियोजना में भी धन का बंटवारा हुआ है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का अचानक मोड़ दुर्घटनाओं को न्यौता दे सकता है। स्थानीय निवासी राहुल वर्मा ने बताया, “यह मोड़ इतना खतरनाक है कि 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भी गाड़ी संभालना मुश्किल हो जाता है।”
मुख्य आरोप:
- डिजाइन में गंभीर त्रुटियां
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी
- परियोजना लागत में अनियमितताएं
- PWD मंत्री की निगरानी में लापरवाही
PWD मंत्री राकेश सिंह ने बचाव करते हुए कहा, “NHAI की टीम जांच कर रही है। तकनीकी रिपोर्ट आने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।” हालांकि, उनका यह बयान विपक्ष को संतुष्ट नहीं कर पाया है।