खतरे की घंटी! इमरजेंसी में मरीजों को नहीं मिल रहा रास्ता, प्रशासन कब करेगा कार्रवाई?
E-rickshaw parking blocks emergency access at Katni hospital – mpsamwad.com coverage.
ई-रिक्शा की अराजकता से जूझता कटनी जिला अस्पताल मार्ग – तस्वीर: mpsamwad.com
Emergency Alert! Patients Stranded in Traffic Chaos – When Will Authorities Act?
Mohan Nayak, Special Correspondent, Katni, MP Samwad.
Unregulated e-rickshaws outside Katni District Hospital cause traffic chaos. Emergency patients struggle for access. Citizens demand strict administrative action.
कटनी जिला अस्पताल के बाहर ई-रिक्शा की अव्यवस्था ने ट्रैफिक को किया जाम। इमरजेंसी मरीजों को भी नहीं मिल रहा रास्ता। नागरिकों ने मांगी सख्त कार्रवाई।
MP संवाद, कटनी। जिला चिकित्सालय, जो न केवल कटनी बल्कि आसपास के क्षेत्रों के मरीजों के लिए भी प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, वहां पहुंचते ही भीड़ और अव्यवस्था का सामना करना पड़ता है। अस्पताल के मुख्य गेट पर ई-रिक्शा की अव्यवस्थित खड़ी करने की प्रथा ने यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से चरमरा दिया है। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को रास्ता तक नहीं मिल पाता, जबकि यह मार्ग रेलवे स्टेशन को जाने वाले यात्रियों के लिए भी प्रमुख रास्ता है।
प्रशासन की कार्रवाई बेअसर
यातायात पुलिस और नगर निगम समय-समय पर ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं, लेकिन अस्थाई नियंत्रण के बाद स्थिति फिर से वही हो जाती है। अस्पताल परिसर में पुलिस चौकी होने के बावजूद, ई-रिक्भाओं की अनियंत्रित आवाजाही पर अंकुश नहीं लग पा रहा। नागरिकों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या की ओर से मुंह मोड़े हुए हैं।
“सायरन बजाने से नहीं सुधरेगा हाल”
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम की गश्ती गाड़ी के सायरन से कुछ देर के लिए तो व्यवस्था बहाल हो जाती है, लेकिन जैसे ही टीम वहां से हटती है, ई-रिक्शा वालों का अतिक्रमण फिर शुरू हो जाता है। उनका मानना है कि सख्त कार्रवाई और नियमित निगरानी के बिना इस समस्या का समाधान नहीं होगा।
सवाल: क्या स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी ध्यान देगा प्रशासन?