सरकारी रिकॉर्ड में मौत, हकीकत में जिंदगी! भिंड में महिला का संघर्ष जारी.
A woman in Bhind has been running from office to office for three years to prove her husband is alive after government records falsely declared him dead
A woman in Bhind struggles to prove her husband is alive as government records falsely declare him dead.
Declared Dead in Records, Alive in Reality! Woman’s Struggle Continues in Bhind.
Malkhan Singh Parmar, Special Correspondent, Morena, MP Samwad.
A woman in Bhind has been struggling for three years to prove her husband is alive after government records declared him dead. She discovered the issue when her Ladli Behna Yojana payment was reduced. Authorities acknowledge a technical error, but no action has been taken yet.
MP संवाद, भिंड: मध्य प्रदेश के भिंड जिले में एक महिला पिछले तीन साल से अपने जिंदा पति को सरकारी दस्तावेजों में मृत साबित करने की गलती सुधारवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रही है। मामला तब सामने आया जब महिला को ‘लाड़ली बहना योजना’ की राशि बचत खाते में कम मिली।
सरकारी कागजों में मृत घोषित पति!
गोहद के वार्ड-8, नेहर मोहल्ला निवासी 44 वर्षीय रामकली माहौर अपने पति बुद्धराम माहौर के साथ रहती हैं। उनका जीवनयापन मुश्किल परिस्थितियों में हो रहा है, जबकि उनके पति मांडीडीप की एक फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। रामकली ने जब 2023 में लाड़ली बहना योजना का फॉर्म भरा, तो उन्हें ₹1250 के बजाय केवल ₹400 प्रति माह मिल रहे थे।
जब उन्होंने नगर पालिका कार्यालय जाकर जानकारी ली, तो पता चला कि उनके पति बुद्धराम माहौर को 10 साल पहले सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया था। इस कारण उन्हें विधवा पेंशन भी दी जा रही थी, जिससे लाड़ली बहना योजना की पूरी राशि नहीं मिल रही थी।
कई दफ्तरों में लगाई गुहार, लेकिन सुनवाई नहीं!
रामकली ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत नगर पालिका से पति का मृत्यु प्रमाण पत्र मांगा, लेकिन उन्हें यह दस्तावेज नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने एसडीएम पराग जैन, कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव सहित कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
थकहारकर रामकली ने मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, डीजीपी सहित अन्य उच्च अधिकारियों को रजिस्टर्ड डाक से पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई।
जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई!
भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने इस मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि जीवित व्यक्ति को मृत घोषित करना एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही है और इस पर गोहद एसडीएम को जांच के आदेश दिए गए हैं। यदि कोई लापरवाही पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने यह भी कहा कि यह टेक्निकल प्रॉब्लम भी हो सकती है, जिसे ठीक करके रामकली को लाड़ली बहना योजना की पूरी राशि दिलाई जाएगी।