जिला चिकित्सालय बालाघाट में महिला चिकित्सकों को नोटिस: अवैध शुल्क वसूली का मामला हुआ उजागर.
Female doctors at the District Hospital in Balaghat, Madhya Pradesh, have received a formal notice outlining important workplace expectations and guidelines. The move comes as part of efforts to enhance operational efficiency and ensure a supportive environment for medical staff. By addressing these concerns, the hospital administration seeks to foster better working conditions, ultimately improving healthcare delivery in the region.
Notice Issued to Female Doctors at District Hospital Balaghat, Madhya Pradesh: A Step Towards Addressing Workplace Concerns. This is a AI Chatgpt Generated Image
Notice Issued to Female Doctors at District Hospital Balaghat: Case of Illegal Fee Collection Exposed.

Special Correspondent, Balaghat, MP Samwad.
मध्यप्रदेश के बालाघाट जिला चिकित्सालय में सेवा दे रहीं पांच महिला चिकित्सकों को अवैध सुविधा शुल्क लेने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस 7 जनवरी 2025 को वरिष्ठ संयुक्त संचालक, शिकायत संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं द्वारा जारी किया गया। इसमें डॉक्टर वर्षा रंगारे, डॉक्टर अर्चना लिल्हारे, डॉक्टर गीता बारमाटे, डॉक्टर रश्मि वाघमारे, और डॉक्टर श्रद्धा गजभिये का नाम शामिल है।
नोटिस का आधार और निर्देश
नोटिस में उल्लेख है कि जिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं को सी-सेक्शन (सिजेरियन) सुविधा उपलब्ध कराने के लिए ₹5000-₹6000 तक का अवैध शुल्क वसूला जा रहा था। इस प्रकरण पर पहले भी स्पष्टीकरण मांगा गया था, जिसमें संबंधित चिकित्सकों ने आरोपों को नकारते हुए सभी सेवाएं निःशुल्क प्रदान करने की बात कही थी।
हालांकि, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की टीम द्वारा हालिया निरीक्षण में पुनः यह पाया गया कि अस्पताल में महिलाओं से सी-सेक्शन के लिए शुल्क लिया जा रहा है। यह कार्य न केवल मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के खिलाफ है, बल्कि जननी सुरक्षा योजना के तहत दी जाने वाली निःशुल्क सुविधाओं का उल्लंघन भी है।
जननी सुरक्षा योजना का उद्देश्य
भारत सरकार की जननी सुरक्षा योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को प्रसव संबंधी सभी स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क प्रदान करना है। इसमें निःशुल्क दवा, जांच, भोजन, और परिवहन सुविधाएं शामिल हैं। इसके तहत प्रसव के दौरान शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सी-सेक्शन जैसी प्रक्रिया को भी जरूरतमंद मामलों में निःशुल्क उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया गया है।
अस्पताल में सी-सेक्शन अनुपात और कार्रवाई की चेतावनी
बालाघाट जिला चिकित्सालय में सामान्य प्रसव के मुकाबले सी-सेक्शन की दर 50-60% बताई गई है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि आरोपित चिकित्सकों का उत्तर 15 दिन के भीतर प्राप्त नहीं होता है, तो इसे स्वीकार किया जाएगा कि उनके पास अपने पक्ष में कहने को कुछ नहीं है। इसके बाद उनके खिलाफ एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अवैध वसूली के आरोप और गंभीरता
नोटिस में आरोपित चिकित्सकों को यह याद दिलाया गया है कि उन्हें शासन द्वारा प्रसूति सेवाओं के लिए सम्मानजनक वेतन प्रदान किया जाता है। इसके बावजूद, महिलाओं से सुविधा शुल्क लेना न केवल अवैध है, बल्कि अमानवीय और अनैतिक भी है।
यह मामला शासकीय स्वास्थ्य सेवाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। यदि इन आरोपों में सत्यता पाई जाती है, तो यह न केवल जननी सुरक्षा योजना के उद्देश्यों को विफल करेगा, बल्कि जनता का विश्वास भी कम करेगा। इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।