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सिंधिया स्कूल कैंपस में मंदिर दर्शन के लिए जैन मुनि को नहीं मिली इजाजत, जमकर हुआ हंगामा.

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Jain monk denied permission for temple visit at Scindia School campus, uproar ensues.

Jain Monk; Sahara Samachaar;

सिंधिया स्कूल परिसर में जैन मंदिर के दर्शन नहीं करने पर 24 घंटे तक अनशन फिर भी नहीं मिली अनुमति

ग्वालियर । ग्वालियर किले पर स्थित फेमस सिंधिया स्कूल के परिसर में मौजूद एक प्राचीन भवन को भगवान महावीर स्वामी का मंदिर बताया जाता है। इसी के दर्शन करने की मांग करते हुए जैन मुनि विबुद्ध सागर महाराज ने पूरे 24 घंटे तक सिंधिया स्कूल के गेट पर अनशन किया। लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उन्हें स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं दिया। थक हार कर जैन मुनि ने स्कूल के बाहर से खड़े होकर दूर से ही मंदिर के दर्शन किए और वहां से रवाना हो गए।

दरअसल, यह पूरा घटनाक्रम मंगलवार की सुबह शुरू हुआ था। ग्वालियर में चातुर्मास पूरा करने के बाद जैन मुनि विबुद्ध सागर महाराज ने ग्वालियर किले पर स्थित भगवान महावीर स्वामी के मंदिर के दर्शन करने की इच्छा जैन समाज के लोगों से जाहिर की। जैन समाज के कुछ लोग जैन मुनि विबुद्ध सागर महाराज को लेकर ग्वालियर किले पर पहुंचे। लेकिन यहां जैन मुनि को मंदिर में भगवान के दर्शन नहीं हो सके। क्योंकि जिस मंदिर में जैन मुनि दर्शन करना चाहते थे, वो मंदिर सिंधिया स्कूल के परिसर में मौजूद है।
स्कूल प्रबंधन ने जैन मुनि को स्कूल के अंदर आने की अनुमति नहीं दी। अनुमति नहीं मिलने पर और भगवान के दर्शन नहीं होने पर जैन मुनि सिंधिया स्कूल के गेट पर ही अनशन पर बैठ गए। उनके साथ जैन समाज के कुछ लोग भी अनशन पर बैठ गए। मंगलवार सुबह से शुरू हुआ यह अनशन बुधवार की सुबह तक जारी रहा।

स्कूल प्रबंधन ने किया साफ मना
इस दौरान पुलिस प्रशासन ने जैन मुनि को अनशन तोड़ने के लिए मनाने की कोशिश की लेकिन जैन मुनि ने भगवान के दर्शन करने के बाद ही अनशन तोड़ने की बात कही। बुधवार की सुबह स्कूल प्रबंधन द्वारा जैन मुनि को साफ तौर पर बता दिया गया कि उन्हें किसी भी हालत में स्कूल के अंदर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस दौरान जैन समाज के लोगों में आक्रोश भी देखने को मिला।

स्कूल प्रबंधन ने बनवा दी दीवार
जैन समाज के लोगों ने बताया कि पहले वे इस मंदिर में दर्शन के लिए जाया करते थे। लेकिन फिर स्कूल प्रबंधन ने दीवार बनवा दी। जिसके बाद उन्हें अंदर जाने नहीं दिया जाता है। उन्हें स्कूल की दीवार के बाहर जाल से ही मंदिर के दर्शन करने पड़ते हैं। स्कूल प्रबंधन द्वारा जब जैन मुनि को स्कूल के अंदर प्रवेश देने से साफ मना कर दिया गया तो जैन समाज के लोग आक्रोशित हो गए।

जाली में से मंदिर के दर्शन करने पड़े
जैन मुनि ने जब देखा की बात बनने की बजाय बिगड़ रही है तो जैन मुनि स्कूल के बाहर से ही मंदिर के दर्शन करने के लिए तैयार हो गए। जैन मुनि ने अपना अनशन तोड़कर स्कूल के बाउंड्री के बाहर खड़े होकर जाली में से मंदिर के दूर से ही दर्शन किए और इसके बाद में वहां से चले गए। हालांकि, इस मामले में जैन समाज के लोगों का कहना है कि अब वह इस मंदिर को स्कूल परिसर से मुक्त करवाने के लिए प्रयास करेंगे।

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