नहर, तालाब और नजूल भूमि पर निर्माण! वारासिवनी में नियमों के पालन पर सवाल.
Construction on Canal, Pond, and Government Nazul Land? Questions Raised Over Rule Compliance in Waraseoni.

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Balaghat, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, बालाघाट/भोपाल। बालाघाट जिले में शासकीय नजूल भूमि, जल संसाधन विभाग की भूमि, नगर पालिका की नजूल भूमि तथा नदी-तालाबों के किनारे स्थित संरक्षित भूमि पर कथित अवैध कब्जों और बिना अनुमति निर्माण कार्यों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन और वरिष्ठ अधिकारियों को कई बार शिकायतें भेजे जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
वारासिवनी में सरकारी भूमि पर निर्माण को लेकर उठे सवाल
ताजा मामला वारासिवनी नगर पालिका क्षेत्र का बताया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, शासकीय नजूल भूमि, नहर की भूमि तथा तालाब की भूमि पर कथित रूप से बिना अनुमति बहुमंजिला भवनों का निर्माण किया गया। आरोप है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित विभागों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सीएम हेल्पलाइन में ‘निर्माण बंद’ की सूचना, लेकिन मौके पर व्यावसायिक गतिविधियों का दावा
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायत के निराकरण के दौरान नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी की ओर से निर्माण कार्य बंद कराए जाने की जानकारी देकर शिकायत बंद करा दी गई। जबकि शिकायतकर्ता का दावा है कि संबंधित निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है और वहां व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं।
150 से अधिक निर्माणों पर अनुमति का सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
शिकायतकर्ता का दावा है कि वर्तमान नगर पालिका परिषद के कार्यकाल में 150 से अधिक निर्माण आवश्यक स्वीकृतियों के बिना किए गए हैं। उनका आरोप है कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कथित अनियमितताओं और प्रशासनिक लापरवाही के तथ्य सामने आ सकते हैं। मामले को लेकर संबंधित विभागों से जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।
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