पटवारियों की हड़ताल पर न्यायिक चेतावनी! उपभोक्ता मंच ने दी हाईकोर्ट जाने की तैयारी.
Judicial Warning Over Patwaris’ Strike! Consumer Forum Prepares to Move the High Court.

Special Correspondent, Anand Tamrakar, Jabalpur, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, जबलपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश में जारी पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल अब कानूनी मोड़ लेती दिखाई दे रही है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, जबलपुर ने प्रदेश पटवारी संघ, जिला पटवारी संघ और कलेक्टर जबलपुर को 48 घंटे का विधिक नोटिस जारी कर हड़ताल समाप्त करने की मांग की है। मंच ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में हड़ताल समाप्त नहीं की गई तो जनहित में न्यायालय की शरण ली जाएगी।
48 घंटे में हड़ताल खत्म करें, नहीं तो कोर्ट में होगी चुनौती
मंच के अध्यक्ष डॉ. पी.जी. नागपांडे द्वारा जारी नोटिस में कहा गया है कि 4 अगस्त 2026 को समाचार माध्यमों से जानकारी मिली कि प्रदेशभर के पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि यदि 48 घंटे के भीतर हड़ताल वापस नहीं ली गई तो नागरिकों के हित में न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी।
नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा जैसे कार्य ठप, जनता परेशान
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि हड़ताल के कारण सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा, खसरा सुधार सहित अनेक राजस्व कार्य प्रभावित हो गए हैं। इससे आम नागरिकों को तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं और जरूरी प्रशासनिक कार्य अटक गए हैं। मंच का कहना है कि यह स्थिति सीधे जनहित को प्रभावित कर रही है।
हड़ताल को बताया गैरकानूनी, पुराने हाईकोर्ट मामले का भी हवाला
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने अपने नोटिस में दावा किया है कि सर्वोच्च न्यायालय और अन्य न्यायालयों ने सरकारी सेवाओं से जुड़ी हड़तालों पर विभिन्न निर्णय दिए हैं। साथ ही वर्ष 2025 में तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों की हड़ताल के खिलाफ मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका का भी उल्लेख करते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर जनहित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।
Legal Disclaimer
This report is based on the notice issued by the concerned organization. Allegations, claims, and legal positions mentioned remain subject to official verification and judicial proceedings, if any.