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थाने से निकली डकैती की पटकथा? अदालत ने खोली पुलिसिया खेल की परतें.

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Robbery Script Written Inside the Police Station? Court Exposes the Layers of the Police Conspiracy.

Special Correspondent, Anuj Pandey, Gwalior, MP Samwad News.

MP संवाद समाचार, ग्वालियर। ग्वालियर की विशेष सत्र अदालत ने पुलिस विभाग को कटघरे में खड़ा कर देने वाला ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। विशेष न्यायाधीश सुनील दंडोतिया ने तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश चंदेल, तत्कालीन थाटीपुर थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह, सब इंस्पेक्टर अजय सिंह सिकरवार और हवलदार संतोष वर्मा के खिलाफ लूट, डकैती और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने सभी आरोपियों को 22 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए समन जारी किया है।

आरोप: पुलिस ने ही परिवार से वसूले 30 लाख रुपये

यह मामला वर्ष 2023 का है। शिकायतकर्ता अनूप राणा ने अदालत में आरोप लगाया कि थाटीपुर थाना पुलिस ने एक लेन-देन विवाद के मामले का लाभ उठाकर उसके परिवार से करीब 30 लाख रुपये की अवैध वसूली की।

यह प्रकरण पिछले दो वर्षों से अदालत में विचाराधीन था। सोमवार को सुनवाई के बाद अदालत ने यह महत्वपूर्ण आदेश पारित किया।

समझौते की जानकारी मिलते ही शुरू हुआ कथित वसूली का दबाव

फरियादी के अनुसार, वर्ष 2023 में थाटीपुर थाना पुलिस ने एक आर्थिक विवाद में एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें अनूप राणा, चंद्रलेखा जैन और भानु प्रताप को आरोपी बनाया गया था।

बाद में विक्रम नामक व्यक्ति के माध्यम से समझौते की प्रक्रिया चल रही थी। आरोप है कि इसकी जानकारी मिलते ही जांच अधिकारी अजय सिंह सिकरवार ने दबाव बनाकर विक्रम के जरिए अनूप राणा से 5 लाख 80 हजार रुपये वसूल किए और बाद में अतिरिक्त राशि की मांग शुरू कर दी।

घर से नकदी लेने और एनकाउंटर की धमकी के आरोप

अदालत में दायर याचिका के अनुसार, तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह के निर्देश पर हवलदार संतोष वर्मा ने संबंधित पक्षों को थाने बुलाया और कथित रूप से:

  • अनूप राणा के घर से 9 लाख 50 हजार रुपये
  • चंद्रलेखा जैन के घर से 15 लाख रुपये

ले लिए।

इसके बाद आरोप है कि संतोष वर्मा ने 6 लाख रुपये स्वयं के लिए तथा 30 लाख रुपये अतिरिक्त देने की मांग की। रकम न देने पर कथित तौर पर एनकाउंटर में फंसाने की धमकी दी गई।

SP से शिकायत, कार्रवाई के बजाय मामला फिर उसी थाने भेजा गया

अनूप राणा ने तत्कालीन SP राजेश चंदेल को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले से अवगत कराया। आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय इसे पुनः थाटीपुर थाने भेज दिया गया।

इसके बाद पुलिस ने अनूप राणा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जमानत मिलने के बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।

अदालत ने मांगे CCTV फुटेज, पुलिस बोली—डिलीट हो चुके हैं

सुनवाई के दौरान अदालत ने थाटीपुर थाने के CCTV फुटेज तलब किए। पुलिस की ओर से जवाब दिया गया कि संबंधित फुटेज डिलीट हो चुके हैं

इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई और उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर मामले में संज्ञान लेते हुए चारों अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के आदेश जारी किए।

जिन अधिकारियों पर दर्ज होगा मामला

अदालत के आदेश के अनुसार निम्न अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा:

  1. तत्कालीन SP राजेश चंदेल
  2. तत्कालीन थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह
  3. जांच अधिकारी अजय सिंह सिकरवार
  4. हवलदार/साइबर सेल कर्मी संतोष वर्मा

22 जून 2026 को अदालत में होगी व्यक्तिगत पेशी

विशेष सत्र अदालत ने सभी आरोपियों को 22 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।

उठते बड़े सवाल

  • क्या कानून के रक्षक ही वसूली के आरोपी बन गए?
  • शिकायत के बावजूद वरिष्ठ स्तर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
  • CCTV फुटेज कैसे और क्यों मिटाए गए?
  • क्या इस मामले में विभागीय जांच भी शुरू होगी?

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