फर्जी क्लिनिक, अवैध लैब्स— स्वास्थ्य सिस्टम पर सवाल.
Fake clinics, illegal labs—questions raised on the healthcare system.

Special Correspondent, Ashish Singh Tomar, Morena MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, मुरैना। मुरैना जिले के अंबाह नगर में इन दिनों झोलाछाप डॉक्टरों का नेटवर्क तेजी से फैलता जा रहा है। शहर के अलग-अलग इलाकों में बिना वैध पंजीयन और बिना किसी मान्यता के क्लिनिक संचालित किए जा रहे हैं, जहां आम जनता की सेहत के साथ खुलेआम खिलवाड़ हो रहा है।
बिना डिग्री इलाज, खुलेआम नियमों की धज्जियां
गर्मी का मौसम शुरू होते ही वायरल, बुखार, डायरिया और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ने लगे हैं।
जानकारी के अभाव और मजबूरी में लोग झोलाछाप डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं
कई तथाकथित डॉक्टर होम्योपैथी या अन्य पद्धति की आड़ में एलोपैथिक इलाज कर रहे हैं
जो कि पूरी तरह नियमों के खिलाफ है और मरीजों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
अवैध लैब्स भी बन रहीं खतरा
मामला सिर्फ झोलाछाप डॉक्टरों तक सीमित नहीं है।
अंबाह में कई ब्लड टेस्ट लैब्स बिना पंजीयन संचालित हो रही हैं
जांच की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं
गलत रिपोर्ट के आधार पर इलाज होना, मरीजों के लिए और भी बड़ा खतरा बन सकता है।
शिकायतें ढेर, कार्रवाई सिर्फ कागजों में
स्थानीय लोगों का आरोप है कि—
बार-बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती
कार्रवाई केवल कागजी खानापूर्ति बनकर रह जाती है
इससे झोलाछाप डॉक्टरों के हौसले और बुलंद हो रहे हैं।
बड़ा सवाल: आखिर जिम्मेदार कौन?
जब—
- अवैध क्लिनिक खुलेआम चल रहे हैं
- बिना लाइसेंस लैब्स सक्रिय हैं
- और लोगों की जान खतरे में है
तो सवाल उठता है—
क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है?
सख्त कार्रवाई की जरूरत
अंबाह में ‘फर्जी इलाज’ का यह कारोबार अब गंभीर खतरा बन चुका है।
स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सख्त कार्रवाई करनी होगी
अवैध क्लिनिक और लैब्स पर छापेमारी जरूरी है
दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए
तभी आम जनता को सुरक्षित और सही इलाज मिल पाएगा।



