मानवाधिकार की आवाज बने रंजीत सिंह तोमर, दिल्ली में राष्ट्रीय सम्मान से नवाजे गए.
Ranjit Singh Tomar becomes a voice for human rights, honoured with a national award in Delhi.

Special Correspondent, Richa Tiwari, Bhopal, MP Samwad News.
MP संवाद समाचार, नरसिंहपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश के छोटे से नगर साईंखेड़ा का नाम शनिवार को देश की राजधानी दिल्ली में गूंज उठा, जब नगर परिषद साईंखेड़ा के प्रदेश महासचिव रंजीत सिंह तोमर को मानवाधिकार, सामाजिक न्याय और संगठन निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए नेशनल लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) द्वारा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन–2026 में यह सम्मान प्रदान किया गया।
▶ मध्यप्रदेश के लिए भी सम्मान की उपलब्धि
इस राष्ट्रीय मंच पर मिला यह सम्मान केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह नरसिंहपुर जिले और साईंखेड़ा नगर के लिए भी गौरव का विषय बन गया।
▶ मानवाधिकार और अपराध नियंत्रण पर मंथन
अधिवेशन का आयोजन एनएचआरसीसीबी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार के मार्गदर्शन में किया गया, जिसमें देश-विदेश से आए विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों और कानूनविदों ने मानवाधिकार संरक्षण और अपराध नियंत्रण से जुड़े गंभीर मुद्दों पर विचार साझा किए।
▶ रूस दूतावास से लेकर संसद तक की मौजूदगी
उद्घाटन सत्र में रूस दूतावास की प्रथम सचिव क्रिस्टीना अनानीना ने मानवाधिकारों को वैश्विक शांति की बुनियाद बताया।
कार्यक्रम में भारत सरकार के अधिकारी पंकज कुमार, पूर्व राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत गौतम तथा एनएचआरसीसीबी के राष्ट्रीय संरक्षक जय प्रकाश निषाद की उपस्थिति ने अधिवेशन की गरिमा को और बढ़ाया।
▶ डिजिटल युग में मानवाधिकार पर गंभीर चर्चा
अधिवेशन में “Crime Control vs Human Rights” और “Human Rights in the Digital Age” जैसे विषयों पर पैनल चर्चाएं हुईं, जिनमें साइबर अपराध, डिजिटल निगरानी और नागरिक अधिकारों के संतुलन पर विशेषज्ञों ने अहम सुझाव दिए।
▶ सम्मान के साथ बढ़ी क्षेत्र की जिम्मेदारी
नेशनल लीडरशिप अवार्ड से सम्मानित होकर रंजीत सिंह तोमर ने कहा कि यह पुरस्कार उनके लिए नहीं, बल्कि मानवाधिकारों के लिए जमीनी स्तर पर काम करने वाले हर कार्यकर्ता का सम्मान है।
उन्होंने मध्यप्रदेश, नरसिंहपुर और साईंखेड़ा में मानवाधिकार जागरूकता को और मजबूत करने का संकल्प भी दोहराया।
यह उपलब्धि साईंखेड़ा जैसे छोटे नगर से राष्ट्रीय मंच तक पहुंची सामाजिक भागीदारी की मिसाल बन गई है।