मैहर में शिक्षा के नाम पर लूट, बिना काम करोड़ों का भुगतान, अफसरों पर गिरी गाज.
Loot in the name of education in Maihar, crores paid without any work, officials face action.
Special Correspondent, Maiher, MP Samwad News.

MP संवाद, समाचार । मैहर जिले के रामनगर विकासखंड में सामने आए 4.37 करोड़ रुपये के लघु निर्माण घोटाले में निलंबन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। शनिवार को एक साथ 8 और प्राचार्यों को निलंबित कर दिया गया। अब तक इस घोटाले में कुल 15 प्राचार्य सहित 17 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं।
स्थिति यह है कि पूरा रामनगर विकासखंड लगभग प्राचार्य-विहीन हो गया है। वहीं, अब इस प्रकरण में तीनों फर्मों पर एफआईआर दर्ज होने की तैयारी भी बताई जा रही है।
बिना काम, पूरा भुगतान – यही है घोटाले की असली कहानी
वित्तीय अनियमितताओं और निर्माण कार्यों में भारी गड़बड़ी की जांच के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है।
शनिवार को रीवा संभागायुक्त बी.एस. जामोद ने एक साथ 7 प्राचार्यों के निलंबन आदेश जारी किए। इससे पहले एक बीईओ, 8 प्राचार्य और एक भृत्य को निलंबित किया जा चुका है।
इन प्राचार्यों पर गिरी गाज
जारी आदेश के अनुसार नियमों के विपरीत भुगतान कराने के आरोप में—
- हाईस्कूल गोविंदपुर – मथुरा प्रसाद वर्मा
- हायर सेकेंडरी गोरसरी – गुलजार सिंह टेकाम
- हायर सेकेंडरी देवराजनगर – रामलखन रावत
- गुलबार गुजारा – शिवलाल बैस
- हायर सेकेंडरी हर्रई – सियंबर सिंह
- देवदहा – लक्ष्मण शुक्ला
को निलंबित किया गया है।
इसके अलावा देवरा-मोलहाई की प्रभारी प्राचार्य रजनी पुरवार को जिला पंचायत सीईओ द्वारा निलंबित किया गया है। जांच के दौरान वे बिना सूचना अनुपस्थित पाई गई थीं।
भोपाल से आया था प्रस्ताव, फिर भी ‘काम शून्य – भुगतान पूरा’
कलेक्टर, जिला मैहर ने बताया कि लोक शिक्षण संचालनालय, भोपाल द्वारा 1 सितंबर 2025 को रामनगर विकासखंड के शासकीय विद्यालयों में लघु निर्माण, पार्किंग शेड और अन्य संरचनात्मक कार्यों के लिए कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया था।
विद्यालयों की एमएमडीसी (MMDC) को नियमानुसार राशि उपलब्ध कराई गई थी ताकि समस्त प्रक्रियाओं के पालन के साथ निर्माण कराया जा सके,
लेकिन जांच में सामने आया कि कई जगह काम कराए बिना ही फर्मों को भुगतान कर दिया गया।
पहले ही निलंबित हो चुके हैं ये अधिकारी-कर्मचारी
सबसे पहले शासकीय हाई स्कूल सुलखमा के प्रभारी प्राचार्य रामलाल साकेत को निलंबित किया गया।
इसके बाद—
- सांदीपनि विद्यालय, रामनगर के चपरासी विनोद पटेल
- रामनगर बीईओ एवं शासकीय हाई स्कूल मिरगौती के प्राचार्य संतोष कुमार सिंह
- मनकहरी के प्राचार्य राजेश कुमार साकेत
- छिरहाई के प्रभारी प्राचार्य रामाधार वर्मा
- मझटोलवा के प्राचार्य कामता तिवारी
को संयुक्त संचालक, रीवा द्वारा निलंबित किया गया।
इसके बाद लोक शिक्षण संयुक्त संचालक, रीवा ने—
- शासकीय हाई स्कूल बड़वार – संकर्षण पांडे
- सागौनी – रविंद्र सिंह
- मड़वार – किरण पटेल
को भी निलंबित किया।
केंद्राध्यक्ष भी हटाए गए, जिम्मेदारी छिनी
लघु निर्माण घोटाले में शामिल प्राचार्यों को केंद्राध्यक्ष और सहायक केंद्राध्यक्ष के प्रभार से भी हटा दिया गया है।
अब तक निलंबित प्राचार्यों में से केंद्राध्यक्ष गुलजार सिंह तथा सहायक केंद्राध्यक्ष श्रवण सिंह और लक्ष्मण प्रसाद शुक्ला को पहले यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिन्हें अब हटा दिया गया है।
बड़ा सवाल
जब स्कूलों में निर्माण हुआ ही नहीं, तो करोड़ों का भुगतान किसके इशारे पर हुआ?
अब प्रशासन की अगली कार्रवाई और फर्मों पर संभावित एफआईआर इस पूरे घोटाले की असली परतें खोल सकती है।